सांसद जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार का ध्यान प्रदेश के मुद्दों के बजाय पंजाब की राजनीति पर अधिक है। उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई।
हिसार। राजनीतिक तापमान उस समय बढ़ गया जब सांसद Jai Prakash ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini पर तीखा हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और अव्यवस्था बढ़ रही है, लेकिन सरकार का ध्यान हरियाणा से ज्यादा पंजाब की राजनीति और वहां के मुद्दों पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान जय प्रकाश ने कहा, “हरियाणा प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है, क्योंकि प्रदेश सरकार तो पंजाब में व्यस्त है। जब गृह मंत्रालय ही पंजाब में है और मुख्यमंत्री साहब भी पंजाब में हैं, पंजाब के लिए काम कर रहे हैं, तो कानून व्यवस्था की स्थिति कैसे ठीक हो सकती है?” सांसद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री नायब सैनी हाल के दिनों में पंजाब से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं।
दरअसल, राजनीतिक गलियारों में इन दिनों चर्चा है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी लगातार सक्रियता दिखा रहे हैं। हाल ही में पंजाब में “चिट्टा” यानी नशे के मुद्दे पर उनका बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य को बचाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री की यह सक्रियता भाजपा के विस्तार और पड़ोसी राज्य की राजनीति में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है। हालांकि विपक्ष इसे अलग नजरिए से पेश कर रहा है।
जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध, सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर सरकार का फोकस कमजोर पड़ा है। उनका कहना था कि जब सरकार का शीर्ष नेतृत्व दूसरे राज्य के मामलों में ज्यादा व्यस्त नजर आएगा, तो स्वाभाविक तौर पर हरियाणा के जमीनी मुद्दे प्रभावित होंगे। सांसद ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों और प्रशासनिक चुनौतियों का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
हालांकि, भाजपा की ओर से अक्सर यह कहा जाता रहा है कि मुख्यमंत्री पूरे क्षेत्र के सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाना कोई राजनीतिक दखल नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। लेकिन विपक्ष इसे हरियाणा के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताने से नहीं चूक रहा।
अब सवाल यही है कि मुख्यमंत्री की पंजाब में बढ़ती सक्रियता राजनीतिक रणनीति है, सामाजिक चिंता है या फिर विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है। फिलहाल, हिसार से उठी यह सियासी चिंगारी आने वाले दिनों में और तेज होती दिखाई दे रही है।

