शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सीएम सुबह 10:30 बजे भोपाल से उज्जैन प्रस्थान करेंगे। दोपहर 11:25 बजे होटल अंजुश्री पहुंचेंगे जहां वह स्थानीय कार्यक्रम “सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प” कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। दोपहर 2:15 बजे उज्जैन से भोपाल लौटेंगे। दोपहर 2:30 बजे रवीन्द्र भवन जाएंगे जहां अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के अंतर्गत “सशक्त उद्यमी : समृद्ध मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। शाम 4:20 बजे भोपाल से बैतूल जिला के भैंसदेही जाएंगे। शाम 5:45 बजे भैंसदेही से कुकरू (तहसील भैंसदेही, जिला बैतूल) पहुंचेंगे जहां स्थानीय कार्यक्रम ग्राम चौपाल में शामिल होंगे। सीएम रात्रि विश्राम कुकरू में करेंगे।
प्रदेश में नया फायर सेफ्टी कानून का मसौदा तैयार
प्रदेश में नया फायर सेफ्टी कानून का मसौदा तैयार हो गया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ फायर सेफ्टी टैक्स भी देना होगा। नगरीय आवास एवं विकास विभाग ने मध्यप्रदेश अग्निशामक आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 का मसौदा तैयार किया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। दिल्ली सहित कई जगहों में हुए अग्निकांड के बाद ऊंची इमारतों के लिए नए कानून को प्राथमिकता दी जाएग।
यह होंगे बदलाव
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ फायर सेफ्टी टैक्स
15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य
बिना फायर एनओसी ऑक्यूपेंसी/कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं
शादी, धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के पंडालों पर नए सुरक्षा मानक अग्निरोधी सामग्री का उपयोग अनिवार्य
10 मिनट में फायर ब्रिगेड पहुंचाने का लक्ष्य
नए फायर स्टेशन और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था
फायर अधिकारियों की योग्यता और प्रशिक्षण के मानक तय होंगे
बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा आदेश में हाईकोर्ट ने किया संशोधन
MP के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। हाईकोर्ट ने 19 जून को जारी किए आदेश में संशोधन किया है। ग्वालियर रीजन के 56 नर्सिंग कॉलेज के छात्रों की परीक्षा और परिणाम पर रोक लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल 189 योग्य नर्सिंग कॉलेज के छात्र परीक्षा में शामिल हो सकेंगे और उनका परिणाम घोषित किया जाएगा। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पिछले आदेश में तथ्यात्मक गलती के कारण 245 कॉलेज को योग्य दर्शाया गया था जबकि शुरुआत से मानकों पर खरे उतरने वाली कॉलेज की संख्या केवल 189 थी। सरकार ने दलील दी कि शेष 56 कॉलेज पहले से डिफिशिएंट पाए गए थे। बाद में हाई लेवल कमिटी ने दोबारा निरीक्षण कर इन्हें सूटेबल मानने की अनुशंसा की थी।यदि आदेश में संशोधन नहीं किया जाता तो इन कॉलेज के छात्र भी परीक्षा और रिजल्ट का लाभ लेने लगते। कोर्ट ने सरकार की दलील को स्वीकार करते हुए संशोधन किया। मामले में अगली सुनवाई जुलाई में मुकर्रर की है।
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