शिखिल ब्यौहार, भोपाल। नीट पीजी काउंसलिंग में निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा एनआरआई (NRI) कोटे की सीटों पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि बिना रजिस्ट्रेशन किए ही कई उम्मीदवारों को सीट अलॉट कर दी गई। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और दलालों की पहचान के लिए एफआईआर (FIR) दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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वहीं इसके साथ ही नीट पीजी काउंसलिंग कमेटी ने उन उम्मीदवारों की जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने सीट मिलने के बाद एडमिशन नहीं लिया है। इसका मकसद फर्जीवाड़े में शामिल उम्मीदवारों और दलालों की पहचान करना है। सभी 91 सीटों के उम्मीदवार अब जांच के दायरे में आ गए हैं।
अरुणाचल प्रदेश के डॉक्टर राहुल सिंह की थी मामले की शिकायत
अरुणाचल प्रदेश के डॉक्टर राहुल सिंह ने मामले की शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया नहीं, फिर भी उनके नाम को शामिल किया गया था। शिकायतकर्ता डॉक्टर राहुल ने रैंक खराब होने की वजह से काउंसलिंग में भाग नहीं लिया था। इधर पहले चरण की पीजी काउंसलिंग में एनआरआई कोटे से सीट हासिल करने वाले डॉक्टर मानसिंह से काउंसलिंग कमिटी ने रजिस्ट्रेशन के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
शिकायतकर्ता डॉक्टर राहुल सिंह ने बताया कि प्रोफाइल में भर गया मोबाइल नंबर ईमेल आईडी और असली नीट पीजी फॉर्म से अलग है। जांच में सामने आया है कि 6 उम्मीदवारों की मूल निवासी प्रमाण पत्र में एक जैसे सिग्नेचर पाए गए हैं, जो एक बड़े फर्जीवाड़ा को दर्शाते हैं।

