रेणु अग्रवाल, धार. पीथमपुर वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने की दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. केंद्रीय प्रदूषण विभाग की टीम की मौजूदगी में कचरा जलाया जा रहा है. दूसरे चरण में भी 10 मैट्रिक टन कचरे का निष्पादन किया जा रहा है. दूसरे ट्रायल रन में 180 किलो कचरा प्रति घंटे की दर से जलाया जा रहा है.
बता दें कि यह प्रक्रिया 8 मार्च तक चलेगी. जिसमें 56 घंटे से ज्यादा का समय लगेगा. वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया है. इधर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि पहले ट्रायल की सभी रिपोर्ट सामान्य आई है. जबकि एमपी पॉल्यूशन बोर्ड के वैज्ञानिक संजय जैन का कहना है कि दूसरे चरण की प्रक्रिया सुबह 11.06 से प्रारंभ हो गई है. पहले ट्रायल में साइल, वाटर और एयर पॉल्यूशन की रिपोर्ट सामान्य आई है. तीसरे चरण का ट्रायल 10 मार्च से होगा. न्यायालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी.
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गौरतलब है कि 2 दिसंबर 1984 को भोपाल गैस कांड हुआ था. रात 8:30 बजे से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा धीरे धीरे जहरीली होनी शुरू हो गई थी. जैसे-जैसे रात बीती, वैसे-वैसे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ इकट्ठा होने लगी. सुबह तक तो राजधानी कब्रिस्तान में तब्दील हो गई. इस त्रासदी की गिनती सबसे खतरनाक औद्योगिक दुर्घटना में होती है. इसमें न जाने कितनों की जानें गई, कितने अपंग हो गए.

