कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर 2020 का राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व मंत्री और कट्टर सिंधिया समर्थक इमरती देवी द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भाजपा में आने का न्योता देने वाले बयान पर अब कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने न सिर्फ इमरती देवी के बयान का जवाब दिया, बल्कि 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं के मौजूदा राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए। विधायक सिकरवार ने सभी को घर वापसी की सलाह भी दी है।

इमरती देवी का तंज: “डामाडोल हो चुकी है कांग्रेस, BJP के समुद्र में आएं दिग्विजय”

हाल ही में कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को दूसरी कुर्सी पर शिफ्ट होने का इशारा करने वाला वीडियो सामने आया था। इस वीडियो को लेकर राजनीति गरमा गई। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री इमरती देवी ने कांग्रेस संगठन पर निशाना साधा।

इमरती देवी ने कहा कि जीतू पटवारी जब से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं तब से पूरी कांग्रेस डामाडोल हो चुकी है, पूरी बिखर चुकी है। कांग्रेस की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। दिग्विजय सिंह जी का भी वहां कोई सम्मान नहीं है। कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी की बराबरी कभी नहीं कर सकती है। कांग्रेस का पतन हो चुका है। कांग्रेस में कोई सीनियर नेता नहीं बचा है। इमरती देवी ने दिग्विजय सिंह को भाजपा में आने का न्योता देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी समुद्र है, दिग्विजय सिंह जी आएं, उनका स्वागत है और उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा।

कांग्रेस विधायक का पलटवार: ‘इमरती जी को कांग्रेस छोड़ने का मलाल, दर्द आ रहा बाहर’

इमरती देवी के इस बयान पर कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आया हूं, यह बात सही है। मेरा जो उद्देश्य था वह पूरा हुआ है, लेकिन इमरती जी ने जिस उद्देश्य से कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी, वह उद्देश्य सफल नहीं हो पाया है। इमरती जी को कांग्रेस छोड़ने का पछतावा उनके दिल में है, मन में है, लेकिन वह प्रकट नहीं कर पा रही हैं।

“बीजेपी में सिंधिया जी का अपमान हो रहा है…”

सतीश सिकरवार ने 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने और सिंधिया समर्थक विधायकों के भाजपा में जाने का जिक्र करते हुए कहा कि मैं यही कहूंगा कि सिंधिया जी का अपमान भारतीय जनता पार्टी में हो रहा है, तो इनका क्या हाल होगा। जब सिंधिया कांग्रेस में थे तब ग्वालियर-चंबल संभाग में बिना सिंधिया जी के पत्ता भी नहीं हिलता था। आज भारतीय जनता पार्टी में एक-एक पद के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। जो उनके साथ गए थे 22-23 लोग आज सभी हाशिये पर हैं और आज 5-6 ही रह गए हैं। 5-6 जो रह भी गए हैं उनको भी अगले चुनाव तक भारतीय जनता पार्टी निपटा देगी और सिर्फ सिंधिया जी को रखेगी।

सिंधिया समर्थकों से ‘घर वापसी’ का आह्वान

सिकरवार ने आगे कहा कि एक कहावत है कि वृंदावन में रहना है तो राधे-राधे कहना है, यही गत सिंधिया जी की होने वाली है। मैं इमरती जी को यही कहना चाहता हूं कि वह अपने नेताओं से बात करें, जो सब कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए थे, वह वापस कांग्रेस में आएं। उनको सम्मान भी दिया जाएगा और उनकी चिंता भी की जाएगी।

हालांकि वह संपर्क किससे कर रही हैं यह तो पता नहीं है, लेकिन उनको पार्टी छोड़ने का आज मलाल बहुत है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद वह भाजपा में हाशिये पर जाती जा रही हैं। वह कांग्रेस पार्टी में रहतीं तो विधायक भी रहतीं और मंत्री भी थीं। उनके कारण ही सरकार गिरी थी। आज उनका दर्द बाहर आ रहा है। जब खुद को रोटी चाहिए होती है तो पड़ोसी के लिए कहता है कि उनके लिए एक रोटी रख दो, तो पार्टी छोड़ने का वह दर्द दूसरे शब्दों में बयां कर रही हैं।

मध्य प्रदेश में फिर गरमाई 2020 की सियासत

2020 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर शुरू हुई बयानबाजी एक बार फिर ग्वालियर-चंबल की राजनीति में गर्माहट ले आई है। एक तरफ इमरती देवी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भाजपा में आने का न्योता दे रही हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अब सिंधिया सहित उनके समर्थक नेताओं के राजनीतिक भविष्य और भाजपा में उनकी स्थिति को मुद्दा बनाकर उन्हें घर वापसी की सलाह देते हुए पलटवार कर रही है। इसे में आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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