Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने सुंदरगढ़ जिले में अपनी तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे राज्य सरकार के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर पतितापबन बारीक को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉक्टर पतितापबन बारीक सुंदरगढ़ जिले के गुरुंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बतौर चिकित्सा अधिकारी कार्यरत थे। इस दौरान उनके खिलाफ पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इन आरोपों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मामले की समीक्षा की और डॉक्टर बारीक को तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्कासित (Dismiss) करने का निर्देश दिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

ओडिशा सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि राज्य प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के पैसों में हेराफेरी करने वाले या भ्रष्ट आचरण में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी विभागों को अपने-अपने स्तर पर कड़ी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वे भ्रष्ट गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तंत्र को और मजबूत करें, ताकि आम जनता को बिना किसी बाधा और रिश्वत के सरकारी योजनाओं व स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

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