कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर पूर्ण शराबबंदी का मुद्दा गरमा गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने शराबबंदी कानून को लेकर अपनी नीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय में एक अहम प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस कानून को समाप्त नहीं किया जाएगा और सरकार अपने इस ऐतिहासिक फैसले पर पूरी तरह अडिग है।
मानव विकास और महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
प्रेसवार्ता के दौरान जेडीयू प्रवक्ता ने शराबबंदी के पक्ष में मजबूत आंकड़े और तर्क रखे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से मानव विकास सूचकांक के विभिन्न मानकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन स्तर में अभूतपूर्व और सकारात्मक बदलाव आए हैं। घरों में आर्थिक स्थिरता आई है और घरेलू हिंसा के मामलों में भी भारी कमी देखने को मिली है।
शराब माफियाओं और कंपनियों पर साधा निशाना
नीरज कुमार ने विपक्ष के साथ-साथ शराब माफियाओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि देश और दुनिया की शराब कंपनियां कभी नहीं चाहती थीं और न ही चाहती हैं कि बिहार में शराबबंदी का कानून प्रभावी रूप से लागू रहे। उनके मुनाफे पर चोट लगने के कारण ही लगातार इस कानून को लेकर अनर्गल बयानबाजी की जाती है और इसे कमजोर करने की साजिश रची जाती है। जेडीयू प्रवक्ता ने दो टूक कहा कि ऐसे तत्वों की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
कानून हटाने या समीक्षा की बात पूरी तरह बेमानी
जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग या दल इस कानून की समीक्षा की मांग कर रहे हैं, उनकी बातें पूरी तरह बेमानी और तर्कहीन हैं। सरकार जनता के व्यापक हित में इस कानून को और अधिक सख्ती के साथ जमीन पर उतार रही है। पार्टी का साफ मानना है कि यह निर्णय बिहार की सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।


