अनमोल मिश्रा, सतना। धर्मनगरी चित्रकूट में शनिवार को मंदाकिनी नदी में आई सदी की सबसे भीषण और भयानक बाढ़ ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। उफनती मंदाकिनी के रौद्र रूप से चित्रकूट का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाढ़ के बाद बिगड़े हालात का ग्राउंड जीरो पर जायजा लेने के लिए रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन निरीक्षण किया और राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की।

बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे CM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नगर परिषद द्वारा टीआईसी (TIC) बिल्डिंग में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर और आश्रय स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और उन्हें सूखा राशन, भोजन व आवश्यक राहत सामग्री वितरित की।

प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

सीएम ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और राहत-बचाव दलों (SDRF) से मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और प्रभावितों तक तुरंत हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

हनुमान धारा का ऐतिहासिक पुल बह गया, जलस्तर में गिरावट जारी

मंदाकिनी नदी के अचानक आए प्रचंड उफान और तेज बहाव में चित्रकूट का सबसे पुराना हनुमान धारा पहुंच मार्ग का पुल टूटकर बह गया। कई रिहायशी इलाकों और बजारों में पानी भर गया। राहत की बात यह है कि बारिश थमने के बाद अब मंदाकिनी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है।

प्रशासन मुस्तैद, बनाए हुए हैं नजर

प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के साथ ही उनके लिए भोजन, शुद्ध पीने के पानी और चिकित्सा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासनिक टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m