सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। क्या सिंगरौली के चितरंगी में ‘विकास’ के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है? क्या कंपनियों को आम जनता की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं रह गया है। दरअसल, मिसिरगवा आयरन ब्लॉक से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल रही हैं!
जानकारी के मुताबिक, चितरंगी के केकराव, चितावल, शिवपुरवा और मिसिरगवा में इन दिनों आयरन ब्लॉक की टेस्टिंग के नाम पर जमकर ब्लास्टिंग हो रही है और इस ब्लास्टिंग ने ग्रामीणों की जिंदगी को दहशत में बदल दिया है! बड़े-बड़े पत्थर पहाड़ियों से टूटकर गिर रहे हैं। घरों में दरारें पड़ रही है, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए है। मुख्य मार्ग चितरंगी-लमसरई पर पत्थर गिर रहे है।
राहगीरों की जान हर पल खतरे में!
ये तस्वीरें चीख-चीख कर पूछ रही हैं कि अगर आज हादसा हो गया, तो जिम्मेदार कौन होगा? वहीं इसे लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा पड़ा है। युवा नेता लक्ष्मण सिंह बैस के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए साफ कहा कि अब और बर्दाश्त नहीं होगा! या तो सुरक्षा दो, या ब्लास्टिंग बंद करो! ग्रामीणों ने बड़ी मांग करते हुए टूटे घरों का तुरंत मुआवजा, ब्लास्टिंग में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, कंपनी और प्रशासन की खुली बैठक, जान जोखिम में डालकर काम बंद करने की डिमांड की है।
प्रशासन पर सवाल-प्रशासनिक कार्यालय का घेराव तय!
तहसीलदार ने भले ही कार्रवाई का आश्वासन दिया हो लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है। वहीं ग्रामीणों के अल्टीमेटम से हड़कंप मचा हुआ है। क्यों ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर हफ्तेभर में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा। मिसिरगवा में चल रहा ये ‘ब्लास्टिंग खेल’… कहीं मासूम लोगों की जान पर भारी न पड़ जाए! अब देखना ये है कि प्रशासन जागता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी।

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