शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में नई तबादला नीति लागू होने के बाद से ही कयासों और उम्मीदों का दौर जारी था, लेकिन तकनीकी खामियों और विभागों की अधूरी तैयारी ने कर्मचारियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदनों के लिए तैयार किया गया EHRMS पोर्टल इस वक्त कर्मचारियों को राहत देने के बजाय उनके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। विभिन्न विभागों के लिंक न खुलने और त्रुटियों के चलते कर्मचारी दफ्तरों और कियोस्क सेंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
राजस्व विभाग: आवेदन स्वीकार ही नहीं कर रहा लिंक
- राजस्व विभाग: आवेदन स्वीकार ही नहीं कर रहा लिंक
राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए तबादला प्रक्रिया पूरी तरह ठप नजर आ रही है। पोर्टल पर विभाग का लिंक तो दिया गया है, लेकिन जब कर्मचारी आवेदन करने का प्रयास कर रहे हैं, तो उनका आवेदन सबमिट (स्वीकार) नहीं हो रहा है। इसके अलावा कई लॉग-इन आईडी पर पोर्टल पूरी तरह से ओपन भी नहीं हो पा रहा है। - स्वास्थ्य विभाग: बंद पड़ी है ऑनलाइन ट्रांसफर विंडो
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की स्थिति भी अलग नहीं है। विभाग में ट्रांसफर के लिए दी गई ऑनलाइन विंडो (लिंक) अभी तक खुल ही नहीं रही है। विंडो न खुलने के कारण हजारों की संख्या में डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी समय सीमा के भीतर आवेदन करने को लेकर असमंजस में हैं। - जनजातीय कार्य विभाग: खाली पदों की संख्या दिख रही ‘0’, 15 विकल्पों की शर्त से फंसे कर्मचारी
सबसे अजीबोगरीब स्थिति जनजातीय कार्य विभाग के पोर्टल पर देखने को मिल रही है।
पोर्टल पर खाली पदों की संख्या शून्य
15 विकल्पों की शर्त: नियम के मुताबिक कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए कम से कम 15 विकल्प (चॉइस फिलिंग) भरने अनिवार्य हैं। अब कर्मचारियों के सामने संकट यह है कि जब हर जगह खाली पदों की संख्या शून्य दिख रही है, तो वे 15 विकल्पों का चयन कैसे करें।
- स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर के लिए कड़े नियम: एसडीएम या कोर्ट का सर्टिफिकेट जरूरी
स्वास्थ्य विभाग में इस बार तबादले के नियमों को बेहद कड़ा और संवेदनशील बनाया गया है। यदि कोई महिला कर्मचारी विधवा या परित्यक्ता (पति द्वारा छोड़ी गई) श्रेणी के तहत प्राथमिकता के आधार पर तबादला चाहती है, तो उसे इसका पुख्ता प्रमाण पत्र देना होगा।
विभाग ने साफ किया है कि इसके लिए केवल स्व-घोषणा या साधारण दस्तावेज मान्य नहीं होंगे। संबंधित महिला कर्मचारी को एसडीएम (SDM) या सक्षम न्यायालय (Court) द्वारा जारी किया गया आधिकारिक सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा, तभी आवेदन पर विचार किया जाएगा।
अधूरी तैयारी ने बिगाड़ा खेल
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकार ने आनन-फानन में ट्रांसफर पॉलिसी तो लागू कर दी, लेकिन इसके लिए बैकएंड पर काम करने वाले तकनीकी सिस्टम (EHRMS पोर्टल) को पूरी तरह अपडेट नहीं किया गया। यदि इन तकनीकी खामियों को जल्द दूर नहीं किया गया, तो ट्रांसफर की समय सीमा समाप्त हो जाएगी और हजारों कर्मचारी इस नीति के लाभ से वंचित रह जाएंगे।

