संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार मानसून को लेकर मिले-जुले संकेत सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया गया है, वहीं मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून गतिविधियां जमकर मेहरबान हुई हैं। कई जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि मानसून आने से पहले प्री-मानसून गतिविधियों ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजधानी भोपाल में भी इस बार प्री-मानसून बारिश ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। यहां सामान्य से करीब तीन गुना ज्यादा पानी बरस चुका है। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग का कहना है कि 12 जून को प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं है। इसके साथ ही कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत बने हुए हैं। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
फिलहाल प्री-मानसून की बारिश ने राहत जरूर दी है, लेकिन मानसून के कमजोर रहने की आशंका कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

