पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लंबे समय तक मजबूत ब्राह्मण चेहरा और मुखर प्रवक्ता रहे मृत्युंजय तिवारी ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर विधिवत रूप से शामिल कराया। बीजेपी में शामिल होते ही तिवारी ने आरजेडी नेतृत्व पर जमकर हमला बोला और पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
खून का कतरा-कतरा बीजेपी के लिए समर्पित
पार्टी ज्वाइन करने के बाद अपने पहले संबोधन में मृत्युंजय तिवारी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके जैसे एक छोटे से कार्यकर्ता को जो मान-सम्मान दिया है, वह अविस्मरणीय है। उन्होंने ऐलान किया कि अब उनके शरीर के खून का एक-एक कतरा देश और बीजेपी के लिए समर्पित रहेगा।
तिवारी ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी के पास न कोई स्पष्ट नीति है, न नियत है और न ही मजबूत नेतृत्व, वहां कोई भी निष्ठावान कार्यकर्ता लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम के ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में वह पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान देंगे।
इस्तीफे की पूरी पृष्ठभूमि और अंदरूनी कलह
बता दें कि मृत्युंजय तिवारी ने बीते 16 जुलाई को ही राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने पार्टी के नेता तेजस्वी यादव के विदेश दौरे से लौटने तक इस इस्तीफे को होल्ड पर रखने का प्रयास किया था, लेकिन तिवारी ने दो टूक कह दिया था कि अब बात बहुत आगे निकल चुकी है और समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजहों का खुलासा करते हुए उन्होंने राजद के शीर्ष नेतृत्व और आंतरिक कार्यशैली पर तीखे आरोप लगाए थे। तिवारी ने दावा किया था कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कुछ ऐसे स्वार्थी तत्वों के घिरे हुए हैं, जो पार्टी को अंदर ही अंदर दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं। पार्टी के लिए दिन-रात वफादारी से पसीना बहाने के बावजूद उन्हें लगातार दरकिनार किया गया और अपमानित होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे अपमान के बीच राजनीति करना उनके लिए असंभव हो गया था। अपनी इन तमाम शिकायतों को लेकर उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और तेजस्वी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी आवाज़ को पूरी तरह अनसुना कर दिया गया।


