बिहार की राजनीति में अपनी विशेष पहचान रखने वाले विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ विवाद गहरा गया है। मामला महाराजगंज जिले का है, जहां एक प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान पुलिस द्वारा की गई पूछताछ ने तूल पकड़ लिया। सहनी ने पुलिस पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने और उनके शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में बेवजह बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
देर रात पुलिस की दबिश और तीखी बहस
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुकेश सहनी अपने निर्धारित दौरे के तहत महाराजगंज पहुंचे थे। सहनी का आरोप है कि उनके दौरे की पूरी रूपरेखा और रात्रि प्रवास की जानकारी चार दिन पहले ही संबंधित प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बावजूद, देर रात करीब 1:30 बजे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उनके होटल पहुंच गए। पुलिस द्वारा कार्यक्रम की अनुमति और गतिविधियों को लेकर की गई पूछताछ से सहनी भड़क गए। उन्होंने फोन पर ही पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस की और स्पष्ट किया कि एक नागरिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर उनके क्रियाकलापों में पुलिस का यह हस्तक्षेप पूरी तरह से अनुचित है।
संवैधानिक अधिकारों की दुहाई
मुकेश सहनी ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा देश के किसी भी राज्य में जाकर अपने कार्यकर्ताओं से मिलना और संगठन को मजबूत करना मेरा संवैधानिक अधिकार है। कोई भी सरकार मुझे अपने नागरिकों से मिलने से नहीं रोक सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और उनके राजनीतिक प्रभाव को सीमित करने की कोशिश कर रही है। सहनी के अनुसार, वे केवल संगठनात्मक कार्यों के लिए होटल में कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा कर रहे थे, जिसमें कोई भी गैर-कानूनी बात नहीं थी।
अधिकारियों को निष्पक्षता की नसीहत
विवाद बढ़ता देख सहनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस को चेतावनी देते हुए निष्पक्षता की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य केवल संविधान का पालन करना है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में आकर कार्रवाई न करें। सहनी ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में इसी प्रकार की बाधाएं उत्पन्न की गईं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही है। यह घटना अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

