अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और विभिन्न संगठनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सासाराम के पोस्ट ऑफिस चौराहा पर भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की।

​नगर में निकाला गया प्रतिवाद जुलूस

​प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय स्तर पर एक विशाल प्रतिवाद जुलूस के साथ हुई। माले कार्यकर्ताओं और किसान-मजदूर सभा के सदस्यों ने पूरे शहर में पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा का बाजारीकरण बंद करो और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे जिनमें नीट परीक्षा में धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी।

​शिक्षा मंत्री पर लगा भविष्य बर्बाद करने का आरोप

​प्रदर्शन स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव अशोक बैठा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी कोई छोटी घटना नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित भ्रष्टाचार का हिस्सा है। केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक देशभर में यह विरोध जारी रहेगा।

​सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान

​प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुनियोजित बदलावों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और अब उनकी परीक्षाओं को भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस पूरे मामले में ठोस कदम नहीं उठाए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
​प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।