Business Desk – Multi Asset Allocation Funds : अगर आपने पिछले एक साल में सिर्फ शेयर बाजार में निवेश किया है, तो हो सकता है आपका रिटर्न उम्मीद से कम रहा हो। लेकिन जिन निवेशकों ने Multi Asset Allocation Funds का विकल्प चुना, उन्हें कहीं बेहतर रिटर्न मिला। यही वजह है कि पिछले एक साल में इस कैटेगरी के म्यूचुअल फंड्स में निवेश तेजी से बढ़ा है।

आंकड़े बताते हैं कि जहां पिछले एक साल में निफ्टी 50 ने सिर्फ 2.04 फीसदी का रिटर्न दिया, वहीं मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स का औसत रिटर्न 12.77 फीसदी रहा। इतना ही नहीं, इस कैटेगरी के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड ने करीब 23 फीसदी तक का रिटर्न दिया।
क्या होते हैं Multi Asset Allocation Funds?
Multi Asset Allocation Fund ऐसे म्यूचुअल फंड होते हैं, जो निवेशकों का पैसा सिर्फ शेयर बाजार में नहीं लगाते। ये फंड इक्विटी (शेयर), डेट, सोना, चांदी और दूसरे एसेट्स में भी निवेश करते हैं।
SEBI के नियमों के अनुसार, ऐसे फंडों को कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना होता है और हर एसेट क्लास में कम से कम 10 फीसदी निवेश जरूरी है।
कई मल्टी एसेट फंड विदेशी शेयरों, इंटरनेशनल फंड ऑफ फंड्स (FoF), REITs और InvITs में भी निवेश करते हैं, जिससे पोर्टफोलियो और ज्यादा विविध (Diversified) बन जाता है।
फंड मैनेजर तय करते हैं पैसा कहां लगाना है
इन फंडों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक को खुद बाजार का अनुमान लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। फंड मैनेजर आर्थिक हालात, ब्याज दरों, महंगाई, वैश्विक घटनाओं और बाजार के ट्रेंड को देखकर तय करते हैं कि किस समय शेयरों में ज्यादा निवेश करना है और कब सोना, चांदी या डेट में हिस्सेदारी बढ़ानी है।
अगर उन्हें लगता है कि शेयर बाजार कमजोर पड़ सकता है, तो वे इक्विटी का हिस्सा घटाकर सोना या डेट में निवेश बढ़ा देते हैं। वहीं बाजार में तेजी की संभावना बनने पर फिर इक्विटी का हिस्सा बढ़ा दिया जाता है।
सिर्फ एक साल में 66 फीसदी बढ़ा निवेश
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इस समय 35 Multi Asset Allocation Funds मौजूद हैं। इनका Asset Under Management (AUM) जुलाई 2025 में 1.28 लाख करोड़ रुपए था, जो जून 2026 तक बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। यानी सिर्फ एक साल में इस कैटेगरी का आकार करीब 66 फीसदी बढ़ गया। यह बताता है कि निवेशकों का भरोसा तेजी से इस कैटेगरी की ओर बढ़ रहा है।
लार्जकैप फंड से ज्यादा रिटर्न क्यों मिला?
Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में इस कैटेगरी का औसत रिटर्न 12.77 फीसदी रहा, जबकि सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड ने 23 फीसदी तक का रिटर्न दिया। इसके मुकाबले निफ्टी 50 का रिटर्न सिर्फ 2.04 फीसदी रहा।
सोना और चांदी बने सबसे बड़े गेम चेंजर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बेहतर प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह सोना और चांदी में आई जबरदस्त तेजी रही। पिछले एक साल में भारतीय मुद्रा के हिसाब से चांदी की कीमत 93.5 फीसदी बढ़ी। सोने की कीमत 42.92 फीसदी चढ़ी।
चूंकि अधिकांश Multi Asset Allocation Funds अपने पोर्टफोलियो का 10 से 25 फीसदी हिस्सा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में रखते हैं, इसलिए उन्हें इस तेजी का सीधा फायदा मिला। यही कारण है कि इनका प्रदर्शन सामान्य इक्विटी फंड्स से बेहतर रहा।
निवेशक क्यों कर रहे हैं इन फंड्स पर भरोसा?
वेल्थ मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय में वही पोर्टफोलियो ज्यादा स्थिर रहता है, जिसमें अलग-अलग एसेट क्लास का संतुलित निवेश हो। लेकिन आम निवेशकों के लिए यह तय करना आसान नहीं होता कि कब शेयर खरीदें, कब सोना लें और कब डेट में निवेश करें।
Multi Asset Allocation Funds में यह जिम्मेदारी फंड मैनेजर निभाते हैं। निवेशकों को अलग-अलग एसेट्स में खुद बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि इस कैटेगरी में लगातार निवेश बढ़ रहा है।
टैक्स के नियम भी समझिए
अगर किसी Multi Asset Allocation Fund की कुल संपत्ति का 65 फीसदी या उससे ज्यादा हिस्सा भारतीय शेयरों में निवेश होता है, तो उसे Equity Oriented Fund माना जाता है।
1 साल से पहले यूनिट बेचने पर 20 फीसदी Short Term Capital Gain (STCG) Tax लगता है। 1 साल से ज्यादा निवेश रखने पर 12.5 फीसदी Long Term Capital Gain (LTCG) Tax देना होता है। हर वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपए तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट मिलती है।
Non-Equity Fund पर कितना टैक्स लगता है?
अगर किसी मल्टी एसेट फंड में इक्विटी का हिस्सा 35 फीसदी से 65 फीसदी के बीच है, तो उसे Non-Equity Oriented Fund माना जाता है। 24 महीने से पहले यूनिट बेचने पर निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। 24 महीने से अधिक निवेश रखने पर 12.5 फीसदी Long Term Capital Gain Tax देना होता है।
क्या आपको भी निवेश करना चाहिए?
अगर आप ऐसा निवेश चाहते हैं, जो सिर्फ शेयर बाजार पर निर्भर न हो और बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी आपके पोर्टफोलियो को संतुलित रख सके, तो Multi Asset Allocation Fund एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि, निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि का आकलन जरूर करें। किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश केवल पिछले रिटर्न देखकर नहीं, बल्कि अपनी जरूरत और वित्तीय योजना के अनुसार करना चाहिए।


