सिद्धार्थ शरद, वैशाली। गंगा नदी में महात्मा गांधी सेतु के पास एक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में लगभग 10 से 11 लोग पानी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

​पिलर संख्या 9 और 10 के पास हुआ हादसा

​यह दुर्घटना वैशाली जिले के तेरसिया गांव के समीप महात्मा गांधी सेतु के पास घटी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, नाव पर करीब 10 से 11 लोग सवार होकर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान नाव अचानक असंतुलित हो गई और पिलर संख्या 9 और 10 के नजदीक तेज धार में पलट गई। नदी का जलस्तर और तेज बहाव होने के कारण यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे गहरे पानी में समा गए। हादसा होते ही आसपास के इलाके में कोहराम मच गया और घाट पर चीख-पुकार शुरू हो गई।

​स्थानीय ग्रामीणों का साहस और सूझबूझ

​संकट की इस घड़ी में तेरसिया गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने अनुकरणीय बहादुरी का परिचय दिया। प्रशासनिक मदद के पहुंचने से पहले ही साहसी ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए उफनती नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए डूब रहे यात्रियों की तलाश शुरू की और अपनी सूझबूझ से 6 से 7 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। स्थानीय लोगों के इस तुरंत प्रयास से कई लोगों की जान बचाई जा सकी। हालांकि, अभी भी चंदन और दीपक समेत 2 से 3 लोग पानी की तेज धार में लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए ग्रामीण और गोताखोर लगातार प्रयास कर रहे हैं।

​जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर सक्रिय

​घटना की भीषणता को देखते हुए वैशाली जिला प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। शीर्ष अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और पेशेवर गोताखोरों की टीमों को तुरंत नदी में उतार दिया गया है। अत्याधुनिक उपकरणों और नावों की मदद से लापता लोगों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

​प्रशासनिक प्राथमिकता और पीड़ित परिवारों की स्थिति

​जिला प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय पानी में फंसे या लापता अन्य लोगों को सकुशल ढूंढना है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बचाव कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। इस दुर्घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा प्रशासनिक अमला और स्थानीय लोग लापता नागरिकों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।