Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में 309 नगरीय निकायों में 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में हार का डर भाजपा नेताओं के चेहरे और चुनावी गतिविधियों में साफ दिखाई दे रहा है।

गहलोत ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर समेत कई जगहों पर हुए भाजपा के रोड शो कोई असर नहीं छोड़ पाए। उनके मुताबिक अब भाजपा सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

बागियों के प्रतिष्ठानों पर जीएसटी कार्रवाई का आरोप

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के फ्लॉप रोड शो, भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में दबाव की राजनीति और पार्षद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के जीतने पर ही विकास कार्य कराने की धमकी जैसे घटनाक्रम सामने आए हैं। उन्होंने भाजपा के बागी उम्मीदवारों के प्रतिष्ठानों पर जीएसटी के छापों का भी जिक्र किया।

भाजपा पर दबाव की राजनीति का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के मंत्री और विधायक मतदाताओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गहलोत के अनुसार मतदाताओं से कहा जा रहा है कि यदि भाजपा पार्षद को वोट नहीं दिया गया तो वार्ड में विकास कार्य नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में भाजपा को चुनौती देने वाले लोगों पर सरकारी कार्रवाई के जरिए दबाव बनाया जा रहा है।

जनता के बीच असंतोष का दावा

गहलोत ने दावा किया कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने सत्ताधारी दल के खिलाफ इतना व्यापक असंतोष पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल के शासन के दौरान जनता को हुई समस्याओं का असर निकाय चुनाव में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान जनता अपने वार्ड की सड़क, सफाई, पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर वोट करेगी।

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