रोहित कश्यप, मुंगेली। खाद संकट, बिजली कटौती, कृषि ऋण, धान भुगतान और किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान इस आंदोलन में शामिल हुए। धरना समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारी सिर पर पगड़ी बांधकर बैलगाड़ियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान राज्यपाल के नाम प्रशासन को 15-सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर कांग्रेस व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खाद, बीज, बिजली, सिंचाई, ऋण, समर्थन मूल्य, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के बजाय नई व्यवस्थाओं से उनकी मुश्किलें और बढ़ाई जा रही हैं।
खाद वितरण की नई व्यवस्था को बताया किसान विरोधी

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन के लिए शासन द्वारा प्रति एकड़ खाद वितरण की जो नई व्यवस्था लागू की गई है, वह पूरी तरह अव्यावहारिक और किसान विरोधी है। किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता से कम खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कांग्रेस ने प्रति एकड़ खाद की कटौती संबंधी आदेश तत्काल वापस लेने और पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
तीन किश्तों में खाद वितरण व्यवस्था समाप्त करने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को खाद तीन अलग-अलग किश्तों में देने का नियम किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। किसानों को बार-बार सोसायटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद एकमुश्त उपलब्ध कराई जाए तथा वर्तमान टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए।
आवश्यकता अनुसार खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि पहले किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद और बीज प्राप्त करने की स्वतंत्रता थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई प्रकार की पाबंदियां लगा दी गई हैं। कांग्रेस ने किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की।
डीजल-पेट्रोल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को डीजल प्राप्त करने के लिए भारी-भरकम ट्रैक्टर पेट्रोल पंप तक ले जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद एक बार में केवल सीमित मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच यह व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत कष्टदायक साबित हो रही है। ज्ञापन में किसानों को जरीकैन में डीजल उपलब्ध कराने और उनकी जरूरत के अनुसार ईंधन देने की मांग की गई।
कृषि बिजली दरें वापस लेने और मुफ्त बिजली देने की मांग
धरना-प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए बिजली की दरों में लगातार वृद्धि की जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती हो रही है। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। कांग्रेस ने कृषि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने, अघोषित कटौती बंद करने तथा कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि खाद की कमी का लाभ उठाकर निजी दुकानों में जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ रही है। किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पूरे प्रदेश में खाद की एकसमान और पारदर्शी दर लागू करने की मांग की।
कृषि ऋण सीमा बढ़ाकर 55 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि वर्तमान कृषि ऋण व्यवस्था जटिल और हेक्टेयर आधारित होने के कारण छोटे किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। सहकारी समितियों से मिलने वाली ऋण राशि खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है। इसलिए ऋण सीमा बढ़ाकर कम से कम 55 हजार रुपये प्रति एकड़ किए जाने की मांग रखी गई।
धान की पूरी राशि एकमुश्त भुगतान करने की मांग
ज्ञापन में किसानों को धान का भुगतान बोनस सहित 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त देने की मांग की गई। साथ ही पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि की अंतर राशि जोड़कर किसानों को पूरा भुगतान किए जाने की बात कही गई।
विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता और लंबित अनुदान जारी करने की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की कई योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है। पात्र किसानों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी योजनाओं में पारदर्शी लॉटरी प्रणाली लागू की जाए तथा वर्ष 2025-26 के लंबित अनुदान और सब्सिडी का तत्काल भुगतान किया जाए।
रजिस्ट्री और डायवर्सन प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं होने और डायवर्सन प्रक्रिया जटिल होने से किसान परेशान हैं। कांग्रेस ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन डायवर्सन प्रक्रिया को सरल बनाने तथा किसानों की आवश्यकता अनुसार सीमित भूमि का डायवर्सन करने की मांग की।
अवैध शराब और सूखे नशे पर कार्रवाई की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब और सूखे नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं और किशोरों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने प्रशासन से ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों को मिले
ज्ञापन में कहा गया कि जिले के कई गरीब परिवार अभी भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं अनेक हितग्राहियों की निर्माणाधीन आवासों की किस्तें लंबे समय से अटकी हुई हैं। कांग्रेस ने सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने और लंबित किस्तों का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
कोदो-कुटकी पर पुनः समर्थन मूल्य लागू करने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि कोदो और कुटकी जैसी लघु वनोपज एवं पारंपरिक फसलों पर समर्थन मूल्य बंद होने से आदिवासी और ग्रामीण किसान प्रभावित हुए हैं। ज्ञापन में समर्थन मूल्य व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग की गई।
कैथ नवागांव में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट का विरोध
ज्ञापन में ग्राम कैथ नवागांव, तहसील मुंगेली में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि क्षेत्र के किसान और ग्रामीण लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं तथा इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं।
अमोरा उपतहसील में नायब तहसीलदार की नियमित व्यवस्था की मांग
ग्राम अमोरा, विकासखंड पथरिया स्थित उपतहसील में नायब तहसीलदार की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। कांग्रेस का कहना है कि छोटी-छोटी राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई है। यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो कांग्रेस आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर किसान हित में सभी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।
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