कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। नगर निगम परिषद की बैठको में यूं तो फ्लोर टेस्ट से लेकर बहुत सारे टेस्ट देखने के लिए मिलते ही रहते हैं लेकिन ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक में कॉल टेस्ट फेल होने का मामला सामने आया है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
दरअसल ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक का आयोजन जलविहार स्थित परिषद भवन में आयोजित किया गया। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने जमकर हंगामा किया। दोनों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। परिषद में दोनों ही ओर के पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को जब भी फोन लगाया जाता है वह फोन नहीं उठाते हैं जबकि सभी पार्षद जनता की परेशानी को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए फोन करते हैं।
अलग-अलग पार्षदों ने अधिकारियों के नंबर पर फोन लगाया
काफी हंगामा देखते हुए सभापति मनोज तोमर ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस से एमआईसी सदस्य मनोज राजपूत को मौके पर ही अधिकारी को फोन करने के निर्देश दिए, लेकिन लाइव कॉल टेस्ट में ही अधिकारियों की पोल खुल गई। मनोज राजपूत सहित तीन अलग-अलग पार्षदों ने अधिकारियों के नंबर पर फोन लगाया लेकिन हैरानी की बात यह रही की नगर निगम परिषद की कार्यवाही के दौरान भी किसी अधिकारी ने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा।
18 मई तक परिषद की कार्यवाही स्थगित
इसके बाद सभापति ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए कि वह अधिकारियों को सख्त हिदायत दे की पार्षदों द्वारा कॉल किए जाने पर वह उसका रिप्लाई करें यदि व्यस्त है तो फ्री होकर कॉल बैक जरूर करें। इसी तरह अन्य बिंदुओं पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम सभापति ने 18 मई तक परिषद की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

