यमुनानगर के सुंदरपुर-बहादुरपुर गांव में पैगंबर साहब पर कथित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समाज ने गहरा रोष व्यक्त किया है। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता नाजिया इलाही के खिलाफ कार्रवाई न होने पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की चेतावनी दी है।

परवेज खान, यमुनानगर। पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जिले के सुंदर बहादुरपुर गांव में मुस्लिम समुदाय में रोष देखने को मिला। यहां सैकड़ों लोग एकत्र हुए और उन्होंने पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता नाजिया इलाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौलानाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

मुस्लिम समुदाय में गहरा रोष

मोहम्मद पैगंबर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर यमुनानगर के सुंदरपुर-बहादुरपुर गांव में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। लोगों ने इस मामले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी बयान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

नाजिया इलाही पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मोहम्मद महरूफ मौलाना ने कहा कि मोहम्मद पैगंबर के खिलाफ पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता नाजिया इलाही द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म या धार्मिक महापुरुष के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने का साहस न करे।

राष्ट्रपति के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता नाजिया इलाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। उनका कहना था कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

शांति बनाए रखने की अपील

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि अपनी बात संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन तक पहुंचाना है।