मुजफ्फरपुर। जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से तीन महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) की गुमशुदगी का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। संपत्ति के विवाद में मनोज के ही छोटे भाई अविनाश उर्फ अनुज ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। वारदात के बाद आरोपी अपने पाप धोने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकल गया था। अंततः यूपी पुलिस की मदद से उसे वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया।

​संपत्ति का विवाद और हत्या की खौफनाक रात

​पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मनोज भगत अपनी संपत्ति का एक हिस्सा अपनी इकलौती बेटी शेफाली और अपनी बहनों को देना चाहते थे। आरोपी अनुज इस फैसले का कड़ा विरोध करता था और वह शेफाली की शादी के भी पक्ष में नहीं था। इसी बात को लेकर 19 मई की रात दोनों भाइयों के बीच तीखी बहस और विवाद हुआ।
​विवाद इतना बढ़ गया कि अनुज ने गुस्से में आकर पहले अपनी भाभी मीनू देवी का गला घोंटकर हत्या कर दी। जब मनोज भगत ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने घर में रखी भारी पीतल की मूर्ति से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही मनोज की भी मौत हो गई।

​ मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी की फोटो

सबूत मिटाने की कोशिश और शव ठिकाने लगाना

​डबल मर्डर को अंजाम देने के बाद आरोपी ने घर में फैले खून के निशानों को साफ करने की पूरी कोशिश की। इसके बाद दोनों शवों को कंबल और बेडशीट में लपेटा गया और छत से नीचे बालू के ढेर पर गिराया गया। इसके बाद आरोपी ने शवों को अपनी कार में लादा और बोचहां थाना क्षेत्र में एनएच-27 के पास सुनसान झाड़ियों में फेंक दिया।
​शवों को ठिकाने लगाने के बाद अनुज ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार को अपनी बहन के घर पर खड़ा कर दिया और खुद फरार हो गया। पुलिस जांच के दौरान घर की दीवारों पर खून के छींटे और अन्य साक्ष्य मिले थे, जिसकी एफएसएल जांच में इंसानी खून होने की पुष्टि होने के बाद यह मामला पूरी तरह साफ हो गया।

​खुद रची गुमशुदगी की साजिश और तीर्थयात्रा

​पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी अनुज ने खुद के भी लापता होने का नाटक रचा। चार जून को उसकी बहन ने ब्रह्मपुरा थाने में अनुज की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई। हत्या के बाद आरोपी लगातार अपनी जगह बदलता रहा और पाप धोने की नीयत से केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकल गया।
​आखिरकार वह उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचा और काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास छिपकर रहने लगा। तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुजफ्फरपुर पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से उसे धर दबोचा। पुलिस की निशानदेही पर एनएच-27 के पास से कंकालनुमा अवशेष भी बरामद कर लिए गए हैं, जिनकी डीएनए जांच कराई जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस खौफनाक वारदात में अनुज के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।