मुजफ्फरपुर। जिले के कांटी थाना क्षेत्र में एक मूक-बधिर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने में आया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस कांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि रिश्ते में पीड़िता का बहनोई ही है। पुलिस ने तुरंत और साहसिक कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मौके से ही धर दबोचा है।
सूने घर का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
यह घटना शुक्रवार रात की है। आरोपी युवक ने सुनियोजित तरीके से मूक-बधिर नाबालिग को अकेला पाकर अपनी हवस का शिकार बनाने की योजना बनाई। जब पीड़िता घर पर अकेली थी, तब आरोपी ने उसे जबरन एक सूने कमरे में खींच लिया और वहां इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया। अपनी ईज्जत बचाने के लिए बेबस नाबालिग ने भरपूर विरोध किया और मूक आवाज़ में शोर मचाने का असफल प्रयास किया, लेकिन वहशी दरिंदे के आगे उसकी एक न चली।
ग्रामीणों की सूझबूझ से धरा गया आरोपी
नाबालिग की चीख-पुकार और कमरे के अंदर हलचल की आवाज़ सुनकर आसपास के सतर्क ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों की तुरंत मौजूदगी और सूझबूझ से आरोपी भागने में असफल रहा। स्थानीय लोगों ने मौके पर ही घेराबंदी कर मुख्य आरोपी राजू सहनी को धर दबोचा। इसके बाद बिना देर किए घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, जिससे पुलिस समय रहते मौके पर पहुंच सकी।
डायल 112 की मुस्तैदी और एफएसएल की जांच
सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम चंद मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों के चंगुल से आरोपी को अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित कांटी थाना ले आई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने फौरन एफएसएल (FSL) की विशेष टीम को मुआयने के लिए बुलाया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य और जरूरी नमूने संकलित किए हैं ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
कानूनी शिकंजा और विशेषज्ञों की मदद से बयान दर्ज
पश्चिमी डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को जैसे ही इस जघन्य अपराध की सूचना मिली, वैसे ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गई। मुख्य आरोपी राजू सहनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता की विशेष संवेदनशीलता और उसकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, मूक-बधिर विशेषज्ञों की विशेष सहायता ली गई, जिनकी मौजूदगी में उसका आधिकारिक बयान दर्ज किया गया। इसके साथ ही, पीड़िता का सुरक्षित मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। कांटी थाना पुलिस अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल की तर्ज पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है ताकि दोषी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।



