कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। बिहार, बंगाल और पश्चिम बंगाल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर नकदी, सोने के गहने और चेन चुराने वाले कुख्यात ‘लश्कर गिरोह’ का मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को बेनकाब करते हुए इनके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह अब तक कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है।

​कैसे दिया जाता था वारदात को अंजाम

​रेल एसपी वीणा कुमारी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में समस्तीपुर जंक्शन पर एक बड़ी वारदात सामने आई थी। मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र की रहने वाली 51 वर्षीय कहकशां तरन्नुम समस्तीपुर जंक्शन से जयनगर-आरा इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर चढ़ रही थीं। इसी दौरान 5 से 7 शातिर युवकों ने कृत्रिम भीड़ (आर्टिफिशियल क्राउड) बनाकर उन्हें घेर लिया और उनके गले से 20 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट कर फरार हो गए। इस घटना के संबंध में पीड़िता द्वारा स्थानीय रेल थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी।

​तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी से खुला राज

​घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल एसपी वीणा कुमारी ने त्वरित कार्रवाई के लिए तकनीकी सेल और विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने और अन्य रेल थानों से समन्वय स्थापित करने पर पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में बड़ी सफलता मिली। जांच में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना निवासी सईदुल अली मौला, अलमिना खातून, राकेश देवनाथ, महा अधिकारी, नूर हसन मंडल और चंपाहाटी बरूईपुर के रहने वाले राजू लश्कर तथा रफीकुल सरदार की संलिप्तता सामने आई। ये सभी एक ही गिरोह के शातिर सदस्य हैं।

​पुरी रथ यात्रा के दौरान भी सक्रिय था गिरोह

​संदिग्धों के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की तकनीकी जांच से यह स्पष्ट हुआ कि समस्तीपुर में कहकशां तरन्नुम से चेन छिनतई के वक्त ये सभी आरोपी मौके पर मौजूद थे। पूछताछ और अनुसंधान में यह भी खुलासा हुआ कि इस घटना से ठीक पहले इन अपराधियों ने दरभंगा रेलवे स्टेशन पर भी सोने की चेन छीनने की वारदात को अंजाम दिया था।
​इनकी गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने वारंट लेकर अपने अधिकारियों को ओडिशा के जगन्नाथ पुरी भेजा था। हालांकि, पुरी पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि स्थानीय पुलिस ने इन्हें पहले ही गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल के अलीपुर कोर्ट में पेश किया था, जहां से इन्हें जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने यह शर्त भी रखी थी कि इन्हें बिहार के समस्तीपुर मामले में भी जमानत लेनी होगी। इसी प्रक्रिया के तहत जब मुख्य आरोपी राजू लश्कर समस्तीपुर में जमानत की कानूनी जानकारी जुटाने पहुंचा, तब रेल पुलिस ने उसे धर दबोचा। हालांकि, रेल थाने से जुड़े मामले में उसे राहत मिल गई, लेकिन जिला पुलिस द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में उसे तुरंत फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

​पुलिस की कड़ी नजर और आगे की कार्रवाई

​मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि जगन्नाथ पुरी के एसपी से संपर्क साधकर इस गिरोह से जुड़े तमाम दस्तावेज और रथ यात्रा के दौरान पकड़े गए आरोपियों का पूरा ब्योरा मंगवा लिया गया है। पुरी के एसपी ने पुष्टि की है कि महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान ये शातिर अपराधी लगातार चेन छिनतई की वारदातों में सक्रिय थे और वहां कुल 100 उचक्कों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें यह लश्कर गिरोह के सातों सदस्य भी शामिल थे।
​फिलहाल मुजफ्फरपुर रेल पुलिस इस गिरोह की हरकतों पर बेहद करीब से नजर रख रही है और इनके अन्य आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। रेल पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इन अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी शिकंजा कसता रहेगा।