मुजफ्फरपुर। जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। रामबाग इलाके में रिटायर्ड बैंककर्मी और उनकी पत्नी की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस और सीआईडी लगातार दबिश बना रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्यारों ने बेहद शातिर तरीके से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
फर्जी नाम-पते और पुराने मोबाइल का इस्तेमाल
जांच में खुलासा हुआ है कि हत्यारों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए पूरी साजिश पहले ही रच ली थी। मुख्य आरोपी मई महीने से ही मकान मालिक के संपर्क में था। आरोपियों ने फर्जी नाम और पते पर सिम कार्ड खरीदा और वारदात के दौरान पुराने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, पहचान छुपाने के लिए ग्लव्स का भी उपयोग किया गया था। घटना के दिन आरोपी ऑटो से पहुंचे थे और किराए का भुगतान ऑनलाइन क्यूआर कोड के जरिए किया था, जिसके आधार पर ऑटो चालक से पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और गायब चाभियों का रहस्य
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध मकान मालकिन नीलम देवी को कोई कागज देते हुए नजर आ रहा है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही घर से गायब चाभियों का गुच्छा सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। मृतक के बेटे के मुताबिक, सभी चाभियां एक ही गुच्छे में रहती थीं जो घटना के बाद गायब मिला। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या इसी चाबी से लॉकर खोलकर सामान चोरी किया गया है।
सीआईडी जांच और जल्द खुलासे का दावा
बुधवार को सीआईडी की टीम ने दूसरी बार घटनास्थल का निरीक्षण कर एफएसएल साक्ष्यों का मिलान किया। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। सिटी एसपी का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।


