मुजफ्फरपुर। जिले में दो मासूम बहनों की मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। 11 मई से लापता 7 और 12 साल की दो बहनों के शव बुधवार को एक ईंट भट्ठे के पास बरामद हुए। इस मामले में जहां परिजन और डॉक्टर रेप के बाद हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे डूबने से हुई मौत का हादसा करार दे रही है।
पोस्टमॉर्टम में दिखी दरिंदगी की कहानी
अस्पताल के सूत्रों और पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के शुरुआती अवलोकन ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। 12 साल की किशोरी के शव की स्थिति किसी बर्बरता की ओर इशारा करती है। डॉक्टरों के अनुसार, मृतका के प्राइवेट पार्ट में खून मिला है, जिसके बाद रेप की पुष्टि के लिए ‘वेजाइनल स्वाब’ सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट बताती है कि बच्चियों का पहले गला दबाया गया और फिर गला रेतकर उनकी हत्या की गई। किशोरी के बाएं हाथ की तीन उंगलियां कटी हुई थीं, जबड़ा निकला हुआ था और सीने की चार हड्डियां (पसलियां) टूटी पाई गईं, जो किसी भारी वस्तु से प्रहार का संकेत देती हैं।
पुलिस की ‘डूबने वाली थ्योरी’ पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि जहां मेडिकल साक्ष्य हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं पुलिस का तर्क बिल्कुल अलग है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि 13 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर बच्चियां उस रास्ते की ओर जाती दिखीं जहां 5 फीट गहरा पानी से भरा गड्ढा था। पुलिस की थ्योरी है कि दोनों की मौत डूबने से हुई है। शरीर पर मिले गहरे जख्मों और कटी उंगलियों को लेकर पुलिस का तर्क है कि मौत के बाद पानी में लाश तैरने के दौरान जानवरों ने उन्हें नोंचा होगा। हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
परिजनों का आक्रोश: ‘जान के बदले जान’
मृतक बच्चियों के माता-पिता पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं। 12 साल की बच्ची की मां का कहना है कि उनकी बेटी 5वीं कक्षा में पढ़ती थी और उस दिन गांव में शादी का माहौल था। उनका दावा है कि किसी ने साजिश के तहत उन्हें अगवा किया और बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। 7 साल की बच्ची के पिता ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जिस जगह से लाशें मिलीं, वहां हमने लापता होने के बाद कई बार तलाशी ली थी, तब वहां कुछ नहीं था। साफ़ है कि बाद में शवों को वहां फेंका गया है। यह मामला अब कानूनी और मेडिकल जांच के बीच फंस गया है।
पीड़ित परिवार इंसाफ की गुहार लगाते हुए दोषियों के लिए फांसी की मांग कर रहा है। क्या यह वास्तव में एक दुर्घटना थी, या पुलिस किसी बड़े अपराधी को बचाने की कोशिश कर रही है? इसका जवाब अब विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट ही दे पाएगी।

