राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश के आदिवासी जिले बड़वानी के नागलवाड़ी किसान कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम डॉ मोहन यादन ने मीडिया को कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी दी।
- किसान कल्याण से संबंधित 6 महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं में अलग-अलग निर्णय लिए।
- कुल योग 27 हज़ार 746 करोड़ की राशि किसान कल्याण के लिए हम खर्च करने वाले हैं।
- कृषि -1, उद्यानिकी – 3, पशुपालन-4, मछुआ कल्याण-2, सहकारिता-4, नर्मदा घाटी विकास विभाग -2 प्रस्ताव इसमें शामिल हैं।
- नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई जिसमें इस तहसील के 33 गांव की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। जिसकी लागत लगभग ₹861 करोड़ के आसपास की है।
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3 हजार 502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाएं
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाएं जिसमें 4 हजार 263.94 करोड रुपए की राशि खर्च होगी।
- पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9 हजार 508 करोड़ की खर्च होगी।
- मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी।
- सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8 हजार 186 करोड़ की राशि का व्यय हमारे वित्त विभाग पर आएगा।
- नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी।
- किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। अपने किसान भाइयों को समृद्ध बनाकर राज्य को हम प्रगति के पथ पर ले जाएंगे।
आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा
- बड़वानी को हम पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी।
- बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड रुपए की लागत आएगी।
- मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है।
- बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बना रहे हैं।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले इसके लिए हम 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।


