नालंदा। जिले से एक घटना सामने आई है, जहां महज एक चिंगारी ने किसानों के साल भर के अरमानों को जलाकर राख कर दिया। सोमवार की सुबह अस्थावां थाना क्षेत्र के नेपुरा गांव में उस वक्त कोहराम मच गया, जब लहलहाती गेहूं की फसल में अचानक भीषण आग लग गई।
सुबह 10 बजे का तांडव और अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, सुबह के करीब 10 बजे थे और गांव में सामान्य चहल-पहल थी। इसी दौरान खेतों से धुआं और आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। पछुआ हवा की तेज रफ्तार ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें तेजी से एक खेत से दूसरे खेत की ओर बढ़ने लगीं। देखते ही देखते पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
किसानों का भारी नुकसान
इस दैवीय आपदा की सबसे बड़ी मार स्थानीय किसान राजेश कुमार और कृष्णकांत सिंह पर पड़ी है। दोनों किसानों की लगभग 15 कट्ठा में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। विडंबना यह है कि फसल कटाई के लिए बिल्कुल तैयार थी और किसान कुछ ही दिनों में अनाज घर ले जाने की तैयारी में थे। अब उनकी आंखों के सामने केवल राख का ढेर बचा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों की सूझबूझ और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
आग की भयावहता देख ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। अग्निशमन विभाग को सूचना देने के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण निजी स्तर पर आग बुझाने की कोशिशों में जुट गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि समय रहते सक्रियता नहीं दिखाई जाती, तो आसपास के सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल इसकी चपेट में आ सकती थी।
मुआवजे की गुहार
इस घटना ने पूरे नेपुरा गांव में मायूसी का माहौल पैदा कर दिया है। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से फसल क्षति के आकलन और उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि वे इस बड़े आर्थिक झटके से उबर सकें।
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