वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत रुखाई नवादा गांव में सोमवार को एक घटना सामने आई। अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेत में पानी पटाने (पटवन) गए एक 51 वर्षीय किसान की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को बिखरने पर मजबूर कर दिया बल्कि स्थानीय स्तर पर बिजली विभाग की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खेत में पसरा सन्नाटा और परिवार का क्रंदन
मृतक की पहचान रुखाई नवादा निवासी अखिलेश केवट के रूप में हुई है जो स्वर्गीय राधेश्याम केवट के पुत्र थे। मृतक के पुत्र उपेंद्र कुमार ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि उनके पिता अपने छोटे भाई के साथ खेत में सिंचाई करने गए थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था खेत में मौजूद बिजली के खुले तारों या मोटर में आए करंट की चपेट में आकर वे बुरी तरह झुलस गए। ग्रामीणों से सूचना मिलते ही जब परिजन वहां पहुंचे तो अखिलेश केवट अचेत अवस्था में थे। उन्हें तुरंत स्थानीय चंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बिजली विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खेतों से होकर गुजर रहे बिजली के तारों की स्थिति काफी जर्जर है जिनकी मरम्मत के लिए कई बार विभाग से आग्रह किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्या यह एक महज हादसा है या बिजली विभाग की घोर लापरवाही? यह सवाल अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही चंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष अखिलेश झा ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ स्थित मॉडल अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल अखिलेश केवट के जाने से उनके घर का चिराग बुझ गया है। पत्नी, बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा है और हर कोई प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग कर रहा है।

