वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के सिलाव थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बरनौसा गांव में रविवार को खेत की सिंचाई (पटवन) करने गए एक 50 वर्षीय किसान की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस अचानक हुए हादसे के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बरनौसा गांव के ही रहने वाले नरेश सिंह (उम्र 50 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि नरेश सिंह रोज की तरह अपने खेत में फसल की सिंचाई करने के लिए गए थे। खेत तक पानी पहुंचाने के लिए उन्होंने पाइप की लाइन बिछाई और इसके बाद मोटर चालू करने की प्रक्रिया शुरू की।

मृतक का प्रोफाइल फोटो
टोका फंसाना पड़ा भारी, पलभर में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोटर चलाने के लिए नरेश सिंह बिजली के मुख्य तार में ‘टोका’ फंसा रहे थे। इसी दौरान अचानक तकनीकी या संतुलन बिगड़ने के कारण टोका टूटकर सीधे उनके हाथ पर आ गिरा। करंट का झटका इतना भीषण और तीव्र था कि किसान को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे की भनक लगते ही आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सिलाव थाना की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया।
पुलिस प्रशासन का बयान और आगे की कानूनी प्रक्रिया
इस पूरे मामले को लेकर सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस को इस संबंध में फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जैसे ही परिजनों की तरफ से लिखित आवेदन मिलेगा, उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से भी इस पूरे मामले की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।
इस दुर्घटना के बाद से मृतक नरेश सिंह के परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और उनके इस दुखद निधन से पूरे बरनौसा गांव में मातम पसरा हुआ है। इस प्रकार की घटनाएं एक बार फिर से खेतों में बिजली के खुले तारों और सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।


