बेगूसराय। जिले के बलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में बलात्कार की शिकार एक शादीशुदा महिला को न्याय देने के बजाय एक तथाकथित पंचायत में अमानवीय सजा दी गई। पंचों के तुगलकी फरमान के तहत पीड़िता से कान पकड़कर उठक-बैठक कराई गई और जमीन पर थूकफेंककर उसे जबरन चटवाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है।
क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो की सच्चाई?
यह पूरी घटना बीते जून महीने की है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़िता और आरोपी दोनों एक साथ खड़े हैं। भीड़ के बीच मौजूद एक शख्स के निर्देश पर पीड़िता अपने दोनों कान पकड़कर बार-बार उठक-बैठक लगा रही है। इसके बाद पंचायत के पंचों के दबाव में आकर पीड़िता और आरोपी को घुटनों के बल जमीन पर बैठाया जाता है, जहां दोनों को जमीन पर फेंका गया थूक जबरन चटाया जाता है। इस दौरान वहां मौजूद सैकड़ों लोगों में से किसी ने भी इस अमानवीय कृत्य का विरोध नहीं किया। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य आरोपी फरार है, जबकि वार्ड पार्षद के बेटे पर पीड़िता को लगातार धमकियां देने का आरोप है।
पीड़िता की जुबानी: दो बेटियों की मां के साथ दरिंदगी
पीड़ित महिला ने आपबीती साझा करते हुए बताया कि उसका पति तमिलनाडु में रहकर मजदूरी करता है और वह घर पर अपनी दो बेटियों के साथ अकेली रहती है। 2 जून की रात उसका पड़ोसी और रिश्ते में भतीजा लगने वाला नितीश कुमार उसके घर में जबरन घुस आया। जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने कमर से चाकू निकालकर उसकी दोनों बेटियों की हत्या करने की धमकी दी। डर के मारे पीड़िता चुप रही और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 4 जून की रात को आरोपी ने फिर से घर में घुसकर उसके साथ दरिंदगी की।
पंचायत का तुगलकी फरमान और धमकियों का दौर
5 जून की सुबह जब आरोपी भाग रहा था, तब ग्रामीणों ने उसे देख लिया और उल्टा पीड़िता को ही दोषी ठहराना शुरू कर दिया। मामले को दबाने के लिए गांव में एक पंचायत बैठाई गई। आरोप है कि पंचायत में स्थानीय वार्ड पार्षद के बेटे संजय यादव और अन्य लोगों ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे ही गलत ठहराते हुए जमीन पर थूक चटवाया। घटना के करीब 10 दिन बाद जब पति को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने थाने जाने को कहा। लेकिन आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण पीड़िता उस समय थाने नहीं जा सकी। बाद में 28 जुलाई को थाने में आवेदन दिया गया और 31 जुलाई को वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आखिरकार एफआईआर दर्ज की।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
इस पूरे मामले पर बेगूसराय के मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बयान जारी करते हुए बताया कि पीड़िता के आवेदन और वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और मुख्य आरोपी नितीश कुमार की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून तोड़ने और इस तरह की अमानवीय पंचायत चलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


