वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के बेन प्रखंड अंतर्गत आने वाले मखदुमपुर प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो ने सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि स्कूल के कमरों के मुख्य दरवाजों पर ताले लटके हुए हैं और छोटे-छोटे मासूम बच्चे तथा शिक्षक बाहर बरामदे में खड़े होकर स्कूल के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

​दो घंटे तक बाहर खड़े रहे बच्चे और शिक्षक

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बीते शनिवार की है। मखदुमपुर प्राथमिक विद्यालय में कुल 121 बच्चों का नामांकन दर्ज है और उनकी शिक्षा के लिए वहां 9 शिक्षक कार्यरत हैं। शनिवार की सुबह जब निर्धारित समय पर बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंचे, तो उन्हें कमरों के ताले बंद मिले। इस अजीब स्थिति के कारण विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी स्कूल का ताला नहीं खुला, तब शिक्षकों ने इसकी आधिकारिक सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार करीब दो घंटे की लंबी देरी से विद्यालय का ताला खोला गया, जिसके बाद जाकर कहीं बच्चों की पढ़ाई शुरू हो सकी।

​प्रधानाध्यापिका ने दी अपनी सफाई

​इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनिता कुमारी ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शनिवार को उनकी अचानक तबीयत काफी खराब हो गई थी, जिसकी वजह से वह समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पाईं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि कमरों की एक चाबी उनके पास रहती है, जबकि दूसरी चाबी स्कूल परिसर के भीतर ही कहीं रह गई थी। उन्होंने दावा किया कि अपनी अस्वस्थता के बावजूद उन्होंने तुरंत दूसरे माध्यम से स्कूल के लिए चाबी भिजवाई, जिसके पहुंचने पर कमरों के ताले खोले गए और कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से शुरू किया जा सका।

​शिक्षा विभाग ने की सख्त कार्रवाई

​घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अश्विनी कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि संबंधित प्रधानाध्यापिका को इस गंभीर लापरवाही के लिए शोकॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही, अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में उनका एक दिन का वेतन काटने की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वरीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आगे भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है और लोग सोशल मीडिया पर व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं।