नारायण सेवा केंद्र कैथल में संचालित निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के पांचवें बैच का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सिलाई, कंप्यूटर और मोबाइल रिपेयरिंग के सफल विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए।

राकेश कथूरिया, कैथल। दया गुप्ता मानव मंदिर नारायण सेवा केंद्र में निशुल्क सिलाई, कंप्यूटर और मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवें बैच का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य व्यक्तियों और संस्थान के पदाधिकारियों ने शिरकत की। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानित करना था जिन्होंने अपनी मेहनत से व्यावसायिक कौशल प्राप्त किया है। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सचिव डॉ. नरेश गर्ग द्वारा किया गया, जबकि शाखा संयोजक दुर्गा प्रसाद ने सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान की सेवा भावना पर प्रकाश डाला।

कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

संस्थान के राष्ट्रीय शाखा प्रमुख डॉ. विवेक गर्ग ने अपने संबोधन में नारायण सेवा केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न सेवा गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि केंद्र ने पिछले 18 महीनों में न केवल 250 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए हैं, बल्कि 5000 से अधिक फिजियोथैरेपी ओपीडी सेवाएं भी दी हैं। प्रशिक्षण गतिविधियों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 82 विद्यार्थियों को कंप्यूटर, 58 को सिलाई और 38 को मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया गया है। मुख्य अतिथि लायन प्रवेश बंसल ने कहा कि यह संस्थान युवाओं के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

प्रमाण पत्र वितरण और दिव्यांगजनों को सहायता

समारोह के समापन अवसर पर उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। इस दौरान विशेष अतिथि लायन एडवोकेट दलबीर सिंह, आनंद वर्मा और अशोक शर्मा ने भी अपने विचार रखे और युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सेवा की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 3 जरूरतमंद दिव्यांग बंधुओं को व्हील चेयर और 2 लोगों को श्रवण यंत्र निशुल्क भेंट किए गए। अंत में डॉ. मनोज बंसल ने सभी प्रशिक्षकों, अतिथियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।

इन सदस्यों का रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में शाखा कैथल के सदस्य जयप्रकाश गर्ग, ज्ञान चंद भल्ला, शमशेर सिंह, जितेंद्र बंसल, प्रवीण जिंदल, मनोज गर्ग, पंकज शर्मा और अभिषेक ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। रोहतक से आए अतिथि दीपक धमीजा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कौशल ही जीवन की असली पूंजी है। नारायण सेवा केंद्र का यह प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और जरूरतमंद युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करता है।