दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। एमपी के नर्मदापुरम के एक गांव में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई थीं, जब मामूली विवाद ने दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया। लेकिन नर्मदापुरम पुलिस की मुस्तैदी और साहस ने आखिरकार इंसाफ कर दिखाया है। एसपी नर्मदापुरम साई कृष्णा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 6 दिनों तक गांव और जंगलों में डेरा डालकर 20,000 रुपये के इनामी मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गिरफ्तार कर लिया है।
खाने की बात को लेकर हुआ था विवाद
घटना 19 अप्रैल की है, जब सीताराम कीर के घर वैवाहिक समारोह के दौरान पुरानी रंजिश और खाना खाने की बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडे और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कुल 7 लोग घायल हुए, जिनमें से दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक अन्य घायल ने तीन दिन बाद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
आरक्षक पर चाकू से 9 बार हमला
जब पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने पहुंची, तो आरोपी लोकेश ने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से 9 बार हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और जंगल की ओर भाग निकला। पुलिसकर्मी की जान जोखिम में डालने वाले इस अपराधी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। एसपी ने मामले की गंभीरता देखते हुए तत्काल टीमें गठित कीं। 6 दिनों तक पुलिस ने गांव और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
जंगलों में डेरा डालकर इनामी बदमाश को दबोचा
आखिरकार, वैज्ञानिक पद्धति और मुखबिर की सूचना पर आरोपी लोकेश को गंजाल नदी के किनारे से दबोच लिया गया। पिता अमर सिंह को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इस सफलता में थाना प्रभारी के.एन. रजक, सायबर सेल और पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर इस खूंखार अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

