विकास कुमार, सहरसा। बिहार के कोसी क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कसने के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशा मुक्त कोसी अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में पिछले कुछ महीनों से लगातार चल रही इस विशेष कार्रवाई के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और प्रभावी रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों की इस संयुक्त और कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब और ड्रग्स के कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

​फरवरी 2026 से जारी है यह विशेष अभियान

​प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों की सीमाई क्षेत्रों और संदिग्ध ठिकानों पर फरवरी 2026 से लगातार यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस व्यापक धरपकड़ अभियान के दौरान पुलिस ने अभी तक कुल 1638 कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज दिया है। तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार खुफिया इनपुट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिससे इस अवैध धंधे में लिप्स बड़े-बड़े नाम भी पुलिस की गिरफ्त में आ रहे हैं।

​भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अवैध सामग्री बरामद

​इस अभियान के दौरान पुलिस और सशस्त्र बलों ने अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी करके भारी मात्रा में अवैध और प्रतिबंधित सामग्री जब्त की है। बरामद की गई कुल सामग्री का विवरण इस प्रकार है:

  • ​अवैध शराब: 57,878 लीटर से अधिक विदेशी और देशी शराब।
  • ​गांजा: 4,870 किलोग्राम से अधिक भारी मात्रा में प्रतिबंधित गांजा।
  • ​स्मैक: लगभग 6.75 किलोग्राम उच्च कोटि की स्मैक।
  • ​कफ सिरप: 2,384 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप।
  • ​अन्य जब्ती: नशीले पदार्थों के अलावा तस्करों के पास से अवैध हथियार, तस्करी में प्रयुक्त होने वाले कई वाहन और 55,53,000 रुपये (पचपन लाख तरेपन हजार रुपये) से अधिक नकद भारतीय मुद्रा भी जब्त की गई है।

​स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्कृष्ट पुलिसकर्मी सम्मानित

इस अभियान में अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोसी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) ने कर्तव्यनिष्ठा और बेहतरीन कार्यशैली का परिचय देने वाले इन सभी सुरक्षाकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस सम्मान से जवानों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है और उन्होंने इस अभियान को और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रखने का संकल्प लिया है।