महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित टीसीएस कांड में जांच अब एक जटिल मोड़ पर पहुंच गई है. इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबर पर 20 से ज्यादा शिकायतें मिली है. वहीं दूसरी ओर पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शिकायतकर्ता औपचारिक तौर पर आगे आकर एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं हैं. यही वजह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है.
नासिक के टीसीएस मामले में जांच कर रही एसआईटी को हेल्पलाइन के जरिए लगातार शिकायतें मिल रही हैं. कई शिकायतों में आरोप है कि इस प्रकरण से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन लोग औपचारिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं।
नासिक टीसीएस मामले (Nashik TCS Case) में गठित एसआईटी को जारी हेल्पलाइन नंबर पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अब तक 20 से ज्यादा लोगों ने फोन के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें से कई मामलों में आरोपियों द्वारा धार्मिक भावनाएं आहत होने से संबंधित हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि लोग फोन पर शिकायत तो कर रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से सामने आकर मामला दर्ज कराने के लिए कोई तैयार नहीं हैं, जिससे आगे की कार्रवाई में दिक्कत आ रही है। अब तक इस मामले में 12 लिखित शिकायतें दर्ज की गई हैं और 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान अब भी गिरफ्त से बाहर है।
एफआईआर के मुताबिक, पांच आरोपियों शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने मिलकर महिला का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया. इसके अलावा, हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर उसकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई गई.
इससे पहले, यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी दानिश शेख ने मंगलवार को सत्र अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। 31 वर्षीय दानिश ने अपनी अर्जी में दलील दी कि यह शिकायत उसके पीड़िता की “एकतरफा भावनाओं” को तवज्जो न देने या माता-पिता के दबाव का नतीजा हो सकती है। उसने नासिक सत्र अदालत में अधिवक्ता उमेश वालजादे के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई के लिए दो मई की तारीख तय की गई है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दानिश ने टीसीएस में नौकरी दिलाने का वादा करके उसका विश्वास जीता, उसका यौन उत्पीड़न किया और पहले से ही शादीशुदा तथा दो बच्चों का पिता होने के बावजूद उससे शादी करने का भरोसा दिलाया।
दानिश ने अपनी याचिका में दलील दी कि वह और पीड़िता कॉलेज के दिनों से ही दोस्त हैं। उसने दावा किया कि पीड़िता उसकी शादी के बारे में पहले से वाकिफ थी। दानिश ने कहा कि कथित घटनाएं 2022 की बताई गई हैं, लेकिन प्राथमिकी 2026 में दर्ज कराई गई. फिलहाल इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हेल्पलाइन पर आई कई शिकायतें धार्मिक भावनाएं आहत होने और कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़ी हैं. हालांकि, इन शिकायतों को कानूनी रूप देने के लिए पीड़ितों का सामने आना जरूरी है, जो फिलहाल नहीं हो पा रहा है. SIT मामले की जांच कर रही है और सभी शिकायतों का विश्लेषण किया जा रहा है. लेकिन जब तक पीड़ित खुलकर सामने नहीं आते और औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराते, तब तक पुलिस के लिए ठोस कानूनी कार्रवाई करना मुश्किल बना रहेगा. यही कारण है कि 20 से अधिक शिकायतों के बावजूद यह मामला फिलहाल ‘पेच’ में फंसा हुआ है.
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