दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में हुए भयावह अग्निकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 22 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के पीछे की असली वजह तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब IIT दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। वहीं, मामले में फरार चल रहे प्रमुख आरोपी जय मिश्रा ने साकेत कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।
सरेंडर के बाद बढ़ेगी जांच की रफ्तार
जांच में सामने आया है कि होटल का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर लिया गया था और होटल के रोजमर्रा के संचालन में उसकी अहम भूमिका थी। इसी आधार पर पुलिस उसकी संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है। सरेंडर के बाद अब जांच एजेंसियां उससे सीधे पूछताछ कर सकेंगी, जिससे कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
होटल मालिक और रसोइया पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर चुकी है। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि होटल संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों और नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।
इसके अलावा होटल के रसोइए केशव नेगी को भी हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में पुलिस ने आग लगने के पीछे उसकी कथित लापरवाही की आशंका जताई है। हालांकि केशव नेगी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है और आग की असली वजह शॉर्ट सर्किट थी।
22 जिंदगियां लीलने वाली आग कैसे बनी मौत का जाल?
3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे हौजरानी स्थित पांच मंजिला फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी इमारत को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस भीषण हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। घटना ने देशभर को झकझोर कर रख दिया था।
नियमों की अनदेखी ने बढ़ाया हादसे का दायरा?
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बीएंडबी को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन परिसर में 25 कमरे चलाए जा रहे थे। इनमें कई कमरे बेसमेंट में भी बनाए गए थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन कथित अनियमितताओं ने हादसे को और अधिक घातक बना दिया।
अब IIT दिल्ली बताएगी आग इतनी तेजी से क्यों फैली
दिल्ली पुलिस ने हादसे की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए IIT दिल्ली से संपर्क करने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों की टीम इमारत की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और आग के फैलाव के पैटर्न का गहन अध्ययन करेगी।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना होगा कि आखिर ऐसी कौन-सी संरचनात्मक खामियां या परिस्थितियां थीं, जिनकी वजह से आग कुछ ही समय में पूरी इमारत में फैल गई और लोगों को बच निकलने का मौका तक नहीं मिला।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
मालवीय नगर थाने में इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, आग या विस्फोटक पदार्थ से नुकसान पहुंचाना, जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालना तथा ज्वलनशील पदार्थों के लापरवाहीपूर्ण संचालन जैसी धाराएं शामिल हैं।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर
जय मिश्रा के सरेंडर, रसोइए की जमानत याचिका और IIT दिल्ली की संभावित जांच के बाद यह मामला नए चरण में प्रवेश कर चुका है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस भयावह अग्निकांड के पीछे छिपे सच से पर्दा उठा सकती हैं।
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