भुवनेश्वर: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के अवसर पर ओडिशा के दो मास्टर बुनकरों को हथकरघा कला में देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों बुनकरों को सम्मानित किया।
बरगढ़ के राम मेहेर को हथकरघा बुनाई में उनके आजीवन समर्पण और उत्कृष्ट शिल्प कौशल के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान ‘संत कबीर हथकरघा पुरस्कार 2025’ (Sant Kabir Handloom Award 2025) के लिए दिया गया। वहीं, जगतसिंहपुर के प्रफुल्ल कुमार साहू को ‘राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025’ (National Handloom Award 2025) से सम्मानित किया गया। दोनों बुनकरों का चयन उनकी असाधारण प्रतिभा, नवाचार और भारतीय हथकरघा क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए बहुस्तरीय पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत किया गया है।

राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 22 पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 3 संत कबीर पुरस्कार और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार शामिल हैं। यह पुरस्कार बुनाई, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, स्टार्टअप्स और उत्पादक संगठनों की श्रेणियों में दिए जा गए। इस अवसर पर भारत की विविध बुनाई परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले चार स्मारक डाक टिकट भी जारी किए गए।
गौरतलब है कि वर्ष 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2015 से शुरू हुआ यह आयोजन न केवल बुनकरों की कलात्मकता और समर्पण को मंच प्रदान करता है, बल्कि भारतीय हथकरघा विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की सरकारी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
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