हेमंत शर्मा, इंदौर। National Song Insult Case: इंदौर नगर निगम परिषद (Indore Municipal Corporation Council) के बजट सम्मेलन (Budget Session) में राष्ट्रगीत (National Song) ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram Insult) अपमान करने पर दूसरी आरोपी बनाई गई पार्षद (Councilor) रुबीना इकबाल खान (Rubina Iqbal Khan) को राहत नहीं मिली है। जिला कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज (Anticipatory bail plea rejected.) कर दी है। इससे पहले इसी मामले में पहली आरोपी फोजिया शेख अलीम (Fauzia Shaikh Aleem) की अग्रिम जमानत याचिका भी जिला कोर्ट (District Court) खारिज कर चुका है।
बयानों से आहत हुईं धार्मिक भावनाएं
अभियोजन की ओर से दलील दी गई कि आरोपियों के कथित कृत्य और बयानों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं है। साथ ही सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास भी किया गया। अभियोजन ने यह भी कोर्ट के समक्ष रखा कि रुबीना इकबाल खान ने कथित तौर पर कहा था, “हमें इस जमीन में दफनाया जाता है और हिंदुओं की अस्थियों को बहा दिया जाता है, जो अरब सागर में जाकर मिलती हैं।” इसी बयान को भी मामले का हिस्सा बनाया गया।
दोनों प्रमुख आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
जिला कोर्ट ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताते हुए रुबीना इकबाल खान की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। अब वंदे मातरम गान विवाद में दोनों प्रमुख आरोपियों की अग्रिम जमानत जिला कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
क्या है मामला ?
8 अप्रैल को इंदौर नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन में तीखी बहस के बीच रुबीना इकबाल खान ने राष्ट्रगान को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा, “तुम्हारे बाप में दम हो तो कहलवा कर दिखाओ।” वहीं पार्षद रुबीना ने मीडिया से बातचीत में हिंदुस्तान को हिंदुओं से ज्यादा अपना बताते हुए कहा कि जमीन खोदने पर हमारे अवशेष मिलेंगे। इन्हें (हिंदुओं) तो गंगा में बहा देते हैं जो अरब सागर में मिलते हैं।
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