पटना। जिले के नौबतपुर प्रखंड में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) विनोद कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह मामला इलाके में खासी चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

​ऑडिट के नाम पर हर महीने वसूली जा रही थी घूस

​मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नौबतपुर प्रखंड के बारा गांव से जुड़ा है। यहां जन वितरण प्रणाली (PDS) के एक दुकानदार कृष्णकांत कुमार से आरोपी पदाधिकारी विनोद कुमार द्वारा हर महीने ऑडिट के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी। पीड़ित दुकानदार इस अवैध वसूली से काफी परेशान था और उसने इसकी शिकायत सीधे निगरानी विभाग से कर दी।

​निगरानी विभाग ने बिछाया जाल और दबोचा

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसका सत्यापन किया। जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई, जिसके बाद निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक आदित्य राज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही आरोपी विनोद कुमार ने शिकायतकर्ता कृष्णकांत कुमार से 8 हजार रुपये की रिश्वत ली, वैसे ही पहले से मुस्तैद निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस सफल कार्रवाई के बाद निगरानी थाने में इस वर्ष का 100वां मामला दर्ज किया गया है।

​कार्रवाई के बाद महकमे में मचा हड़कंप

​गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी अधिकारियों की टीम आरोपी पदाधिकारी को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, रिश्वत में ली गई रकम की बरामदगी और इस भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य दस्तावेजों व तथ्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। निगरानी विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई का असर नौबतपुर प्रखंड कार्यालय सहित आसपास के अन्य सरकारी दफ्तरों पर भी साफ तौर पर देखने को मिला है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि इससे भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में डर पैदा होता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा।