हरियाणा डेस्क । छत्तीसगढ़ के गारे पाल्मा 4/1 कोयला खदान आवंटन आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में उद्योगपति और सांसद नवीन जिंदल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए नवीन जिंदल, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख समेत अन्य आरोपियों को समन जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश सुनैना शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह आरोपपत्र सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के एक दशक से अधिक समय बाद दाखिल किया गया है। अदालत ने इसे कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों में अब तक के सबसे विस्तृत और भारी-भरकम आरोपपत्रों में से एक माना है।
17 जुलाई को अदालत में पेश होंगे आरोपी
अदालत ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, इसके प्रबंध निदेशक नवीन जिंदल, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारेख, राकेश कुमार जिंदल, राम किशोर, एस.के. अग्रवाल तथा नलवा संस इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड को समन जारी करते हुए 17 जुलाई को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं का आरोप
सीबीआई की जांच छत्तीसगढ़ स्थित गारे पाल्मा 4/1 कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। एजेंसी का आरोप है कि आवंटन प्रक्रिया के दौरान नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया था। मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी और अब अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेकर आरोपियों को तलब कर लिया है।
यह मामला कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

