IPS Jagmohan Meena: राजस्थान के अलवर जिले की रैणी तहसील के प्रागपुरा गांव से निकला एक होनहार बेटा आज चर्चा में है। 2013 बैच के IPS अफसर जगमोहन मीणा ने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।
अलवर के प्रागपुरा गांव में जन्मे जगमोहन मीणा ने ने IIT कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की और फिर 2013 बैच का IPS बन गये। फिलहाल उनकी पोस्टिंग ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में DCP के पद पर है। 13 साल की लंबी सर्विस के बाद अचानक इस फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

IIT से UPSC तक का सफर
जगमोहन मीणा की शुरुआती पढ़ाई राजस्थान में ही हुई। पढ़ाई में तेज थे, तो IIT कानपुर पहुंच गए। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में M.Tech करने के बाद उन्होंने UPSC का रुख किया। साल 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 849वीं रैंक हासिल की और ओडिशा कैडर के IPS अफसर बन गए।
नक्सलियों के लिए खौफ का दूसरा नाम
ओडिशा में जगमोहन मीणा की पहचान एक धाकड़ अफसर की रही है। जब वे 2019 में नक्सल प्रभावित मलकानगिरी जिले के SP थे, तब उन्होंने माओवादियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन लीड किए। उनकी फील्डिंग इतनी तगड़ी थी कि सरकार और जनता दोनों ने उनके काम की तारीफ की। इसके बाद उन्होंने अंगुल और गंजाम जैसे जिलों में भी SP की कुर्सी संभाली और अपनी छाप छोड़ी।
वीरता पदकों की लिस्ट लंबी
जगमोहन मीणा की झोली पदकों से भरी हुई है। साल 2019 में उन्हें पुलिस वीरता पदक मिला। इसके बाद 2021 में पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक और साल 2023 में उन्हें राज्यपाल पदक से सम्मानित किया गया। वे अपने काम के प्रति इतने सजग हैं कि उनकी कार्यशैली की चर्चा हमेशा होती रही है।
इस्तीफा मंजूर हुआ या नहीं?
सूत्रों की मानें तो जगमोहन मीणा ने अपना इस्तीफा सरकार को भेज दिया है, लेकिन अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है। वे अभी भी ड्यूटी पर हैं। आखिर उन्होंने ये कदम क्यों उठाया? इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक उनके इस्तीफे की चर्चा खूब हो रही है।
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