पटना। देशभर में छात्र आंदोलनों और राजनीतिक गहमागहमी के बीच 2024 के बहुचर्चित NEET-UG पेपर लीक मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे संजीव मुखिया को बड़ी राहत दी है। जांच एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संजीव मुखिया के खिलाफ प्रश्नपत्र चुराने या उसे लीक करने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, उसे इस मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन अन्य मामलों में संलिप्तता के चलते वह अभी जेल में ही रहेगा।
CBI जांच और चार्जशीट का विवरण
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अपनी शुरुआती जांच में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया पर पेपर चोरी का संदेह जताया था, क्योंकि उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। फरार रहने के लगभग 11 महीने बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था और EOU ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।
इसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई। हाल ही में CBI ने अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कुल 45 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। CBI ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जांच के दौरान प्रश्नपत्र चुराने और उसे प्रसारित करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ-साथ उन अभ्यर्थियों की भी पहचान कर ली है, जिन्हें इस लीक से अनुचित लाभ मिला था।
दिल्ली में प्रदर्शन और सोनम वांगचुक का अनशन
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदार्शिता को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता 20 जून से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में पूरे प्रकरण की जवाबदेही तय करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है।
इस आंदोलन के समर्थन में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून से क्रमिक अनशन पर बैठे थे, जिनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दूसरी ओर, इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने बयान जारी किया है कि वह CJP के साथ किसी भी समय बातचीत करने के लिए तैयार है। इसके जवाब में CJP का कहना है कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है, तो उसे जंतर-मंतर आना चाहिए या किसी तटस्थ (न्यूट्रल) जगह पर चर्चा करनी चाहिए।


