कुंदन कुमार/पटना। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच राजधानी पटना में रविवार को नीट (NEET) की परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं के लिए मानवता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शहर के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और संस्थाओं ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मोर्चा संभाला और परीक्षा केंद्रों के बाहर उनके लिए जलपान की पुख्ता व्यवस्था की।
पटना जंक्शन और प्रमुख केंद्रों पर राहत शिविर
परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से पटना पहुंचे छात्र और उनके अभिभावक भीषण गर्मी से बेहाल थे। इसे देखते हुए पटना जंक्शन के बाहर कई स्वयंसेवी संगठनों ने ठंडे पानी और ओआरएस (ORS) घोल के स्टॉल लगाए। जंक्शन से बाहर निकलते ही विद्यार्थियों को शीतल जल उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।


महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा सत्तू का वितरण
इस सेवा कार्य में सबसे सराहनीय पहल महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से की गई। ट्रस्ट द्वारा परीक्षार्थियों के लिए ‘सत्तू’ (भुने चने का आटा) का वितरण किया गया। सत्तू न केवल स्वास्थ्य के लिए गुणकारी है, बल्कि गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और ऊर्जा प्रदान करने का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा केंद्र जाने से पहले इन काउंटर्स पर रुककर सत्तू का आनंद लेते और अपनी थकान मिटाते नजर आए।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में संतोष
छात्रों ने संस्थाओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में जब पानी की एक बोतल भी ढूंढना मुश्किल होता है, तब ये व्यवस्थाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। वहीं, अभिभावकों ने भी इन संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। पटना के लोगों की यह दरियादिली एक बार फिर साबित करती है कि शहर किसी भी चुनौती के समय अपनों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़ा रहता है।

