भोपाल। NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर शनिवार 30 मई को राजधानी भोपाल में कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रेडक्रॉस चौराहे के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का सहारा लिया। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए वहां से हटाया।
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इस आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, सुखदेव पांसे, कमलेश्वर पटेल और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
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विरोध प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल से कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। घायल प्रदर्शनकारियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सभा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। इस दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक रूप से कागज के नकली नोट हवा में उछालकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

