पूर्णिया। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी आक्रोश के बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लगभग 90 प्रतिशत नेता किसी न किसी रूप में इस पेपर लीक घोटाले में शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि आज सीबीआई का इस्तेमाल सिर्फ सत्ता पक्ष के लोगों को बचाने और विपक्ष को झूठे मुकदमों में फंसाने के लिए किया जा रहा है।
’पेपर लीक’ बना देश का नया उद्योग, 4 छात्रों ने किया सुसाइड
पप्पू यादव ने देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत में ‘पेपर लीक’ अब एक संगठित और बड़ा उद्योग बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अब तक देश में 123 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन लचीले सिस्टम के कारण किसी भी बड़े दोषी को सख्त सजा नहीं मिली। इस लापरवाही के कारण लाखों होनहार बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। मानसिक तनाव के चलते अब तक 4 छात्र आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। सांसद ने मांग की कि पेपर लीक में शामिल माफियाओं पर सीधे हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन्हें ताउम्र जेल में रखने का प्रावधान हो।
कोचिंग और प्रश्न पत्र छापने वाले गिरोह का गठजोड़
प्रश्न पत्रों के लीक होने की क्रोनोलॉजी समझाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि खेल सबसे पहले कोचिंग माफिया और प्रश्न पत्र तैयार करने वाले सिंडिकेट से शुरू होता है, जिसके बाद प्रिंटिंग प्रेस के जरिए इसे बाहर लाया जाता है। उन्होंने पटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ₹30 करोड़ की भारी-भरकम वसूली की गई और करीब 2000 छात्रों के असली एडमिट कार्ड व सर्टिफिकेट लेकर आरोपी फरार हो गए, मगर सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। संजीव मुखिया जैसे आरोपियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समय पर चार्जशीट दाखिल न होने से अपराधी कोर्ट से बच निकलते हैं।
इंटरव्यू खत्म करने और 12वीं के आधार पर चयन की मांग
सांसद ने देश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव की वकालत की। उन्होंने मांग की कि नीट (NEET) परीक्षा को पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए और मेडिकल कॉलेजों में दाखिला 12वीं कक्षा की रैंकिंग (मेरिट) के आधार पर होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से इंटरव्यू (साक्षात्कार) प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की, क्योंकि उनके अनुसार अब इंटरव्यू योग्यता पर नहीं बल्कि जाति, धर्म, पैसे और रसूख के दम पर हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस संसद में एक ऐसा सख्त बिल लाएगी, जिसमें पेपर लीक के दोषियों को 30 साल तक की सजा मिलेगी।
छात्र आंदोलन पर दमन और आर्थिक मुद्दों पर घेराव
बिहार सरकार को तानाशाही बताते हुए पप्पू यादव ने टी-4 आंदोलन के छात्रों पर हुई पुलिसिया बर्बरता की निंदा की। उन्होंने दावा किया कि बख्तियारपुर में छात्रों को घरों से उठाकर बेरहमी से पीटा गया, जिसके सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने निशांत कुमार को ईमानदार बताते हुए अपना समर्थन दिया। राजनीति से इतर, उन्होंने पेट्रोल, डीजल, गैस और सोने की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र को घेरा और मांग की कि नेताओं, उद्योगपतियों व धार्मिक संस्थाओं के सोने की जांच हो तथा डिजिटल सिस्टम लागू कर वीआईपी कल्चर के फिजूलखर्च को रोका जाए।

