शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल में एक बार फिर नवजात शिशु को मृत घोषित करने का मामला सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीती रात में 6 माह की गर्भवती महिला की इमरजेंसी डिलीवरी हुई। अस्पताल प्रशासन ने नवजात को मृत घोषित कर दिया और परिजनों को सूचित किया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि देर रात करीब 2 बजे तक हंगामा करने के बाद जब बच्चे की जांच की गई, तो धड़कन जैसे संकेत मिले। परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।
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यह घटना मात्र दो दिन पहले की एक समान घटना के बाद आई है, जहां भी एक नवजात को मृत बताकर डेथ सर्टिफिकेट जारी किया गया था, लेकिन बाद में बच्चे में हरकत दिखी। परिजनों ने वीडियो बनाकर दावा किया कि बच्चे की सांसें चल रही थीं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रीमैच्योर (समय से पहले) और कम वजन के कारण बच्चा अविकसित था, लेकिन जांच के बाद इलाज जारी रखा गया। हालांकि, परिजन जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह लगातार घटनाएं भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की निगरानी और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रही हैं।

