राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और पालकों के हक में ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ की खबर का एक बार फिर बहुत बड़ा और ऐतिहासिक असर हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश को लेकर अपने नियमों में बड़ा संसोधन कर दिया है। अब सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश मिल सकेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश और नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

सांदीपनि विद्यालयों में केवल सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रवेश देने और निजी स्कूल के छात्रों पर प्रतिबंध लगाने का मामला सामने आने के बाद ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ ने इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से प्रसारित किया था। विशेषकर शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे गरीब तबके के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस आवाज को बुलंद किया गया था जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया और अपने फैसले को बदला।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन जारी

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश संबंधी नई गाइडलाइन जारी की गई है। निजी स्कूल के छात्रों के प्रवेश पर लगा पिछला प्रतिबंध अब पूरी तरह हटा दिया गया है। अब सरकारी और निजी दोनों ही श्रेणियों के स्कूलों के छात्र इन प्रतिष्ठित विद्यालयों में दाखिले के लिए पात्र होंगे। छात्रों को सांदीपनि विद्यालयों में मेरिट सूची या फिर प्रवेश परीक्षा के आधार पर पारदर्शी तरीके से प्रवेश दिया जाएगा।

RTE के गरीब बच्चों के लिए ‘बड़ा तोहफा’

स्कूल शिक्षा विभाग का यह फैसला सबसे ज्यादा उन गरीब और प्रतिभावान बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो आरटीई (RTE) के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा पा रहे हैं। इस वर्ग के बच्चों के लिए सांदीपनि स्कूलों के दरवाजे बंद थे लेकिन नियमों में सुधार के बाद अब वे भी उच्च स्तर की शिक्षा के लिए इन विद्यालयों में दाखिला ले सकेंगे।

लल्लूराम डॉट कॉम की इस मुहिम के सफल होने से प्रदेशभर के पालकों और शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और त्वरित एक्शन के लिए आभार जताया है।

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