नासिक में टीसीएस यौन उत्पीड़न के आरोप, जबरन धर्मांतरण के दावे, कॉर्पोरेट जिहाद की चर्चा, मुख्य आरोपी निदा खान का फरार होना और अब एनआईए की एंट्री इन सभी ने इस केस को बेहद जटिल बना दिया है. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस पर तीखी बहस जारी है. शुरुआती दिनों में जहां कई अपुष्ट जानकारियां सामने आईं, वहीं अब खुद कंपनी के प्रमुख के. कृतिवासन ने सामने आकर कई दावों को खारिज किया है. कंपनी ने साफ किया है कि निदा खान न तो मानव संसाधन प्रबंधक थीं और न ही भर्ती से जुड़ी कोई भूमिका निभाती थीं.
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक इकाई में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसे इस मामले में आंतरिक स्तर पर कोई शिकायत नहीं मिली है।
आईटी कंपनी TCS ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित अपनी यूनिट में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन (CEO K. Krithivasan) ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है।
CEO के. कृतिवासन ने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया, जिनमें नासिक यूनिट के बंद होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नासिक स्थित यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही है और अपने ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस महिला कर्मचारी निदा खान का नाम मीडिया में एचआर मैनेजर के रूप में लिया जा रहा है, वह न तो एचआर मैनेजर थीं और न ही भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदार थीं। वह केवल एक प्रोसेस एसोसिएट के रूप में कार्यरत थीं और उनके पास कोई नेतृत्वकारी जिम्मेदारी नहीं थी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों के माध्यम से इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
टीसीएस ने स्वतंत्र सलाहकार के रूप में Deloitte और प्रमुख लॉ फर्म Trilegal को नियुक्त किया है। यह जांच टीसीएस की प्रेसिडेंट और COO आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में की जा रही है। इसके अलावा, जांच की निगरानी के लिए एक ओवरसाइट कमेटी भी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता कंपनी के स्वतंत्र निदेशक Keki Mistry कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने भी इस मामले में रुचि दिखाई. नासिक पुलिस ने धर्म परिवर्तन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज NIA को सौंप दिए हैं. वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है. ऐसे में अब यह केस केवल कंपनी के दायरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से भी जुड़ गया है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

