बालेश्वर: ओडिशा के ‘तृतीय श्रीक्षेत्र’ के रूप में प्रसिद्ध बालेश्वर जिले के नीलगिरि में इस वर्ष होने वाली पवित्र रथ यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. रथ यात्रा के सफल आयोजन और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए नीलगिरि ब्लॉक सम्मेलन कक्ष में उप-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पहली उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई.

इस महत्वपूर्ण बैठक में बालेश्वर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी, नीलगिरि के विधायक संतोष खटुआ और बालेश्वर के जिला कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास विशेष रूप से उपस्थित रहे. बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रथ खींचने की व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई.

रथ यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व, चोर और जेबकतरे सक्रिय हो जाते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए नीलगिरि के विधायक संतोष खटुआ ने एक बड़ा निर्णय लिया है. उन्होंने बैठक में घोषणा की कि रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए वे अपने निजी कोष से 10 लाख रुपये खर्च कर आधुनिक एआई (AI) कैमरे लगवाएंगे. ये स्मार्ट कैमरे भीड़ के बीच किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन की मदद करेंगे.

बालेश्वर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास ने भी एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष रथ यात्रा के दौरान बालेश्वर से नीलगिरि के बीच विशेष ओएसआरटीसी (OSRTC) बसें चलाई जाएंगी. इससे भक्तों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आसानी से महाप्रभु के दर्शन कर सकेंगे.

बैठक में मौजूद मुख्य शिल्पकार (महारणा) ने आश्वासन दिया कि आगामी 10 तारीख तक महाप्रभु के रथों का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को रथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छ पेयजल, अस्थाई चिकित्सा शिविर, सुगम यातायात और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के इस आपसी समन्वय से उम्मीद है कि इस वर्ष ‘तृतीय श्रीक्षेत्र’ की रथ यात्रा एक नया और सुरक्षित इतिहास रचेगी.