लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों और नए लाभार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY Scheme 2026) का लाभ लेने के लिए मत्स्य विभाग ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल खोल दिया गया है.
मंत्री ने बताया कि इच्छुक लाभार्थी 24 अगस्त तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. योजना से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी, लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है.
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छह परियोजनाओं के लिए खोला गया पोर्टल
मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद ने बताया कि भारत सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ाई गई है. योजना के बचे हुए लक्ष्यों को पूरा करने के लिए छह प्रमुख परियोजनाओं के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है. सरकार का लक्ष्य मछली पालन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.
तालाब निर्माण से लेकर RAS यूनिट तक मिलेगा लाभ
योजना के तहत सामान्य वर्ग, महिला और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण और निवेश की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए 33.93 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अलावा सामान्य वर्ग के लिए मध्य आकार के रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) की तीन इकाइयों की स्थापना का प्रावधान किया गया है. महिला और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए रियरिंग यूनिट निर्माण के लिए 22.667 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल किया गया है. महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 241 बैकयार्ड RAS यूनिट की योजना भी शामिल की गई है, जिससे छोटे स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा.
मछुआरा परिवारों को आजीविका सहायता भी
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जलाशयों में 65 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं के संचय का लक्ष्य रखा गया है. इससे मछली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए 500 आजीविका और पोषण सहायता इकाइयां भी प्रस्तावित हैं. सरकार का उद्देश्य मछुआरा समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है.
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जिलों में दी जाएगी आवेदन की जानकारी
मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने बताया कि सभी जिलों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं. जिला स्तर पर मत्स्य पालकों और अन्य पात्र आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लोग योजना का लाभ उठा सकें, इसके लिए विभाग पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास कर रहा है. पत्रकार वार्ता के दौरान विशेष सचिव सुनील वर्मा और महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.


